ट्रक हड़ताल के दूसरे दिन ट्रक ऑपरेटरों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह से अपनी माँगों का समाधान निकालने की अपील की, लेकिन केंद्र ने हड़ताल के आगे झुकने की बजाय आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए रेलवे को चौकस किया है।
हड़ताल का नेतृत्व कर रहे ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के अध्यक्ष चरनसिंह लोहड़ा ने राजधानी में कहा जब तक हमारी माँगें मानी नहीं जातीं, तब तक हम हड़ताल जारी रखेंगे।
हम प्रधानमंत्री से अपील करते हैं कि वे हस्तक्षेप कर इसका कोई समाधान निकाले। ट्रकों के न चलने से देश की प्रमुख मंडियों में फल, सब्जी और अन्य आवश्यक चीजों की आपूर्ति प्रभावित होने लगी है, जबकि माँग मजबूत हो गई है।
ट्रक ऑपरेटरों ने डीजल का दाम कम से कम दस रुपए घटाने टायरों पर आयात शुल्क समाप्त करने पूरे देश में समान परमिट लागू करने और सेवा कर समाप्त करने जैसी माँगों को लेकर रविवार आधी रात के बाद से देशव्यापी हड़ताल कर रखी है।
सेवा कर के बारे में ट्रक ऑपरेटरों की माँग केंद्र ने मान ली है, लेकिन और माँगों पर हड़तालियों को व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह ऑपरेटरों के आगे नहीं झुकेगी।
सरकार ने गुड्स ट्रांसपोर्ट एजेंसियों (जीटीए) को दी जाने वाली कुछ सेवाओं को सेवा कर से मुक्त करने की घोषणा कल ही कर दी थी और इस बारे में वित्त मंत्रालय अधिसूचना जारी कर चुका है।
सेवा कर से मुक्त की गई इन सेवाओं में क्लियरिंग एंड फार्वडिंग एजेंट की सेवा, श्रमिक भर्ती एवं आपूर्ति सेवा, कार्गो हैंडलिंग, सहायक व्यावसायिक सेवा, पैकेजिंग क्रिया सेवा, व्यावसाय में सहायक सेवा और ठोस माल की सप्लाई सेवा शामिल है।
केंद्रीय परिवहन सचिव ब्रह्म दत्त ने कहा इस बार हम नहीं झुकेंगे। हमने संकट से निपटने के वैकल्पिक प्रबंध कर लिए हैं। रेलवे ने आम आदमी को परेशानी से बचाने के लिए आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई प्राथमिकता के आधार पर करने का भरोसा दिया है।
उन्होंने कहा राज्य सरकारों को आवश्यक वस्तु अधिनिमय, एस्मा व आवश्यक होने पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगाने के साथ ढुलाई के काम के लिए ट्रकों को जब्त करने की सलाह दी गई है।
इस बीच दिल्ली में आजादपुर मंडी में आज केवल 90-95 ट्रक आलू की ही आवक हुई, जबकि निकासी 100 से 120 ट्रक के बराबर थी। आजादपुर प्याज आलू व्यवसायी संघ के अध्यक्ष त्रिलोक चंद शर्मा ने कहा आलू की ब्रिकी तेजी से हुई।
दिल्ली की आर्थिक अध्ययन संस्था एनसीएईआर के राजेश शुक्ला ने कहा कि हड़ताल तीन चार दिन खिंची तो मुद्रा स्फीति आधा प्रतिशत बढ सकती है। |