जम्मू-कश्मीर में पुंछ जिले के भाटीधार जंगल में मंगलवार को छठे दिन भी मुठभेड़ जारी है। सेना का कहना है कि वह जंगल में छिपे आतंकवादियों को निकालने के लिए 'वेट एंड वॉच' की नीति अपना रही है। आज सुबह गोलीबारी हुई, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ।
सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घने जंगल, कोहरा और गुफानुमा ठिकानों की वजह से आतंकवादियों के लिए यहाँ छिपना आसान हो गया है। इसे देखते हुए हम 'वेट एंड वॉच' की नीति अपना रहे हैं। हमने पूरे इलाके को घेर लिया है और उन्हें होने वाली आपूर्ति रोक दी है।
उन्होंने कहा कि हमें देखना है कि अन्न और पानी के बिना वे कितने दिन तक रह पाते हैं। उन्हें बाहर आकर लड़ना या आत्मसमर्पण करना ही होगा।
उन्होंने बताया कि विषम भौगोलिक स्थितियों के कारण अभियान पूरी सावधानी के साथ चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा हम नहीं चाहते कि हमें कोई गहरा नुकसान उठाना पड़े।
अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा बलों से मिली खबरों के अनुसार जंगल में करीब सात आतंकवादी छिपे थे, जिनमें से चार ढेर हो चुके हैं। इस दौरान सुरक्षा बलों के तीन कर्मी भी शहीद हुए हैं।
अधिकारी ने बताया कि घाटियों जैसे इस भूभाग में कई प्राकृतिक गुफाएँ हैं, जहाँ छिपना आतंकवादियों के लिए आसान है। उन्होंने इलाके में बंकर होने से इनकार कर दिया।
पुंछ रेंज के डीआईजी कमाल सैनी ने कहा कि खबर है कि आतंकवादियों ने खाद्य सामग्री का संचय कर रखा है। हमें उन स्थानों से कुछ साहित्य और दस्तावेज मिले हैं। आतंकवादियों के पास टीन की एक शीट है, जिससे उन्होंने गुफा को छिपा रखा है। घाटीनुमा भूभाग और घना जंगल होने की वजह से अभियान में दिक्कत हो रही है। दृश्यता भी अत्यंत कम है। यह मुठभेड़ एक जनवरी को शाम चार बजे शुरू हुई थी और अब तक जारी है।
सेना के अधिकारी ने बताया कि गुफानुमा ठिकानों में छिपे आतंकवादियों के सफाए के लिए लगातार हमले किए जा रहे हैं। अधिकारी के अनुसार सेना ने आतंकवादियों की बातचीत बीच में पकड़ने (इंटरसेप्ट) पर पता चला कि ठिकाने में जैश-ए-मोहम्मद, अल बद्र और लश्कर-ए-तोइबा के कुछ शीर्ष कमांडर छिपे हुए हैं।
उन्होंने बताया कि हम उन्हें भागने नहीं देंगे। आतंकवादियों के शव मिलने के बाद अभियान खत्म होगा। रोमियो फोर्स की 29वीं यूनिट, 26 राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह के अलावा विशेष बल की पैरा यूनिटों के अधिकारी तथा कुछ अतिरिक्त जवान भाटीधार जंगल पहुँच चुके हैं।
अभियान में तीन सुरक्षाकर्मियों, जेसीओ सूबेदार राकेश कुमार, नायक पीके सिंह और विशेष पुलिस अधिकारी नरेश कुमार सहित सात व्यक्ति अपनी जान गँवा चुके हैं।
उत्तरी कमान के प्रवक्ता कर्नल डीके काचरी ने बताया कि अभियान में चार आतंकवादी मारे जा चुके हैं, लेकिन अब तक उनके शव बरामद नहीं हुए हैं। पुलिस ने आतंकवादियों को छिपने में कथित तौर पर मदद करने के आरोप में भाटीधार से एक सेवानिवृत्त सहायक उप निरीक्षक मुजफ्फर शाह को गिरफ्तार किया है।
मेंढर में थारा गाँव से मुनीजा बेगम नामक एक महिला को भी गिरफ्तार किया गया है। यह महिला आँगनवाड़ी कार्यकर्ता है और एक अप्रवासी भारतीय मोहम्मद शफीक की पत्नी है। उस पर कथित तौर पर आतंकवादियों की सहायता करने का आरोप है। |