प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकारी नीति के एक हिस्से के रूप में आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है और मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों की जाँच से उस घटना में पाकिस्तान की कई सरकारी एजेंसियों की संलिप्तता सामने आई है।
डॉ. सिंह ने कहा कि विश्व समुदाय को चाहिए कि वह पाकिस्तान को अलग-थलग कर दे ताकि पाकिस्तान ऐसे घिनौने कृत्यों को छोड़ने पर मजबूर हो जाए।
उन्होंने कहा कि मुंबई में जिस तरह का हमला हुआ था उससे साबित होता है कि आतंकवादी नई-नई तकनीकों तथा अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर आर्थिक एवं सुरक्षा ठिकानों को निशाना बनाकर अपने मंसूबों को अंजाम दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मुंबई हमले में जिन देशों के नागरिक मारे गए थे, उनकी एजेंसियों तथा देश की एजेंसियों की जाँच के आधार पर इस बात को साबित करने के पुख्ता सबूत हैं कि उस हमले में न केवल सैन्य सहायता बल्कि पाकिस्तानी एजेंसियों ने भी सहयोग दिया था।
डॉ. सिंह ने बताया कि पाकिस्तान बार-बार युद्ध का राग अलाप कर मुद्दे से ध्यान हटाना चाहता है और अब सही समय आ गया है जब सभी देशों को मिलकर इस बात पर दबाव डालना होगा कि आतंकवादी गतिविधियो को अब सरकारी प्रश्रय अधिक समय तक नहीं बर्दाश्त किया जाएगा। |