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भारतीय नौकाओं का हमलों में इस्तेमाल!
पाकिस्तान ने लंबे समय के दौरान 600 से अधिक भारतीय मत्स्याखेट नौकाएँ और ट्रॉलर पकड़े हैं। भारत को आशंका है कि उस पर आतंकी हमले करने के लिए इन नौकाओं तथा ट्रॉलरों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

गृह मंत्रालय के सूत्र ने गुरुवार को बताया पाकिस्तानी आतंकवादियों ने मुंबई पहुँच कर आतंकी हमलों की योजना को अंजाम देने के लिए एक भारतीय मत्स्याखेट नौका का इस्तेमाल किया था। उनके पास अभी कई भारतीय मत्स्याखेट नौकाएँ हैं, जिनका इस्तेमाल वह भारतीय नौवहन एवं तटीय हिस्सों पर हमलों के लिए वह कर सकते हैं।

सूत्र के अनुसार चूँकि ये नौकाएँ भारत की हैं, जिससे नौवहन एजेंसियों को कोई संदेह नहीं होगा। वर्ष 2003 से पाकिस्तान नौवहन सुरक्षा एजेंसी (पीएमएसए) ने पाकिस्तानी जल क्षेत्र में 600 से अधिक भारतीय मत्स्याखेट नौकाएँ तथा बड़ी संख्या में भारतीय मछुआरों को पकड़ा है, जिन्हें भारत के सुपुर्द नहीं किया गया है।

सूत्रों ने बताया दोनों देशों के संबंध जब सुधरने लगे तो मछुआरों को कूटनीतिक चैनलों के माध्यम से वापस जाने की अनुमति दे दी गई, लेकिन पकड़ी गई भारतीय मत्स्याखेट नौकाएँ नहीं लौटाई गईं।

एजेंसियों को भारतीय मत्स्याखेट नौकाओं का इस्तेमाल पीएमएसए तथा अन्य संदिग्ध तत्वों द्वारा पाकिस्तानी मछुआरों के साथ भारतीय जल क्षेत्र में प्रवेश के लिए करने संबंधी सूचनाएँ मिली हैं।

सूत्र ने बताया हमें लगता था कि इन नौकाओं का पाकिस्तानी मछुआरे केवल हमारे जल क्षेत्र में प्रवेश के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं, लेकिन बाद में हमने पाया कि इन नौकाओं का इस्तेमाल पीएमएसए और अन्य संदिग्ध तत्व भारतीय तटीय क्षेत्रों में अव्यवस्था फैलाने के लिए कर रहे हैं।

ये नौकाएँ बिना किसी संदेह के भारतीय जल क्षेत्र में प्रवेश कर सकती हैं और पीएमएसए तथा संदिग्ध तत्वों को दिक्कत भी नहीं होगी।

गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया भारतीय और पाकिस्तानी नौकाओं का आकार अलग-अलग होता है। इन्हें सिर्फ मछुआरे ही बाहरी बनावट के आधार पर पहचान सकते हैं।

उन्होंने बताया भारतीय नौकाओं के अगले पिछले हिस्से नुकीले होते हैं। पाकिस्तानी नौकाओं का डिजाइन सामान्य होता है। अगर भारतीय नौका पाकिस्तानी लोगों को लेकर नौसेना या तटरक्षक पोत के समीप से गुजरे तो ज्यादा संदेह नहीं होगा।

सूत्रों का कहना है कि भारतीय नौकाएँ वहाँ के मछुआरों में बेहद लोकप्रिय हैं और पीएमएसए इनकी नीलामी करता है। इन नौकाओं से अधिक वजनी सामान ले जाया जा सकता है। खराब मौसम में भी ये नौकाएँ चल सकती हैं, जबकि पाकिस्तानी नौकाएँ ऐसा नहीं कर सकतीं। वह तो गहरे समुद्र में लंबे समय तक रह भी नहीं सकतीं।
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