-वेबदुनिया न्यूज
2 दिसंबर, 2008 को लश्कर-ए-तोइबा (जिसे पाकिस्तान में जमात-उद-दावा के नाम से जाना जाता है) की वेबसाइट पर एक समाचार प्रकाशित किया गया है, जिसमें संगठन ने माँग की है कि भारत भी हिंदू आतंकवादियों को पाकिस्तान के हवाले करे।
जमात-उद-दावा के प्रवक्ता मुहम्मद याह्या मुजाहिद ने भारत द्वारा पाकिस्तान को बीस आतंकवादियों की सूची सौंपने संबंधी प्रतिक्रिया में कहा है कि संगठन, जमात-उद-दावा के अमीर प्रोफेसर हाफिज मोहम्मद सईद एक धार्मिक नेता हैं जिन्होंने किसी भी समय पर आतंकवाद का समर्थन नहीं किया और न ही उन्होंने किसी प्रकार की छद्म गतिविधियों को चलाने का पक्ष लिया है। प्रवक्ता का कहना है कि भारत हिंदू आतंकवादी संगठनों के अपराधों को छिपाने के लिए प्रचार युद्ध में लगा हुआ है।
मंगलवार को लाहौर के पास मुरीदके में जारी एक बयान में प्रवक्ता ने कहा कि पाकिस्तान को भी हजारों भारतीय मुस्लिमों के हत्यारों के प्रत्यर्पण की माँग करना चाहिए। साथ ही अन्य हिंदू आतंकवादियों जैसे कि लालकृष्ण आडवाणी, नरेन्द्र मोदी, बाल ठाकरे और भारतीय सेना से जुड़े अधिकारी कर्नल पुरोहित के भी प्रत्यर्पण की माँग की जाए।
बयान में प्रवक्ता ने कहा है कि हाफिज सईद को कभी किसी अपराध के लिए सजा नहीं दी गई है। न तो पाकिस्तान में और न दुनिया के अन्य किसी देश में, जबकि भारत के अतिवादी भारतीय संगठन के नेता लालकृष्ण आडवाणी के खिलाफ पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना की हत्या की कोशिश करने के एक मामले में नामजद एफआईआर दर्ज है।
इसलिए अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार और पाकिस्तान के लोगों की इच्छाओं के अनुरूप एलके आडवाणी और अन्य हिंदू आतंकवादियों के प्रत्यर्पण की माँग करना गलत नहीं होगा।
प्रवक्ता ने कहा कि उपमहाद्वीप के बँटवारे के समय दोनों देशों में समझौता हुआ था कि भारत में अल्पसंख्यकों (ईसाइयों, सिखों, दलितों और मुस्लिमों) की पूरी तरह से सुरक्षा की जाएगी, लेकिन पाकिस्तान के उलट भारत में अल्पसंख्यकों की किसी प्रकार की कोई सुरक्षा नहीं है।
याह्या मुजाहिद ने कहा कि बीस से अधिक लोगों को सौंपने की भारतीय माँग बहुत अधिक हास्यास्पद है और भारत को किसी सुपरपावर की तरह आचरण नहीं करना चाहिए, क्योंकि ऐसा करने से सारी दुनिया में उसका मजाक उड़ता है।
इस समाचार से आप समझ सकते हैं कि पाकिस्तान के आम लोग और इसके आतंकवादी संगठनों के भारत के बारे में क्या विचार होते हैं और जब हम पाकिस्तानी आतंकवादियों को भारत को सौंपने की माँग करते हैं तो इन संगठनों और पाकिस्तान में बैठे आतंकवादियों के आका क्या सोचते हैं। |