मुख पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > राष्ट्रीय > महाशक्ति का सपना देख रहे भारत के लिए झटका
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजिएयह पेज प्रिंट करें
 
महाशक्ति का सपना देख रहे भारत के लिए झटका
125 देशों ने उठाए सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
-प्रतिभा ज्योति

मुंबई में हुए आतंकवादी हमलों की गूँज वैसे तो समूची दुनिया में सुनाई दी। पर भारत की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अन्य देशों ने सवाल भी उठा दिए हैं।

125 देशों ने एक साथ कहा कि भारत के व्यवसायिक राजधानी माने जाने वाले मुंबई में इस तरह आतंकवादियों ने भारतीयों सहित विदेशियों को अपना निशाना बनाया उससे खुफिया और सुरक्षा व्यवस्था की खामियाँ उजागर हो गई हैं।

जिस समय समुद्री रास्ते से आए आतंकवादी मुंबई में अपना कहर बरपा रहे थे ठीक उसी समय ब्राजील के शहर रियो में विश्व कांग्रेस की सभा चल रही थी। हालाँकि 28 दिनों तक चलने वाले विश्व कांग्रेस का मुख्य विषय बच्चों के यौन शोषण पर केंद्रित था, जिसमें अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, चीन, जापान, यूगांडा, जर्काता सहित 125 देश के प्रतिनिधि शामिल थे।

भारत की ओर से महिला और बाल विकास मंत्रालय के प्रतिनिधि वहाँ मौजूद थे। सूत्रों के मुताबिक विश्व कांग्रेस में शामिल होने वाले सभी प्रतिनिधि 26 नवंबर को भी बच्चों के साथ यौन शोषण की समस्या पर चर्चा कर रहे थे ठीक उसी समय सभी देशों के प्रतिनिधियों को यह सूचना दी गई कि भारत पर आतंकवादी हमला हो गया है।

सभी प्रतिनिधि यह जानकर स्तब्ध रह गए कि आतंकवादियों ने मुंबई के ताज और ओबेराय होटल सहित नरीमन हाऊस पर आतंकवादियों ने अपना कब्जा जमा लिया है और भारतीय कमांडो ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

उसके बाद 125 देशों के प्रतिनिधियों की नजरें टीवी सेट पर गड़ गई। बाद में घटना की पूरी जानकारी मिलने के बाद प्रतिनिधियों ने खुले स्वर में भारत में हुई आतंकवादी घटना की निंदा तो की लेकिन भारत की सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया एजेंसियों के काम करने के तौर-तरीकों पर सवाल उठा दिए।

फ्रांस के एक प्रतिनिधि ने कहा है कि जिस तरह आतंवादियों ने भारतीयों के साथ-साथ विदेशियों को भी अपना शिकार बनाया है उससे भारत की खुफिया एजेंसियों की नाकामी उजागर हो गई है।

सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा कि एक तरफ भारत आर्थिक महाशक्ति बनने का सपना देख रहा है और दूसरी तरफ वह आतंकवादी घटनाओं को रोक पाने में नाकाम हो रहा है। प्रतिनिधियों ने कहा कि मुंबई में हुई घटना एक स्तब्धकारी घटना है और आने वाले दिनों में इसका असर विदेशी पर्यटकों की संख्या पड़ेगा।
संबंधित जानकारी खोजें
और भी
आतंकियों को पाकिस्तान की मदद-आडवाणी
भारत पर अब हवाई आतंक का खतरा
मेरा राजनीतिज्ञ होना इत्तफाक-मनमोहनसिंह
दिल्ली के स्कूलों में छिपे हैं आतंकी!
आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब देंगे-सोनिया गाँधी
नकवी-माधव से सहमत नहीं है संघ