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पाकिस्तान ठोस कार्रवाई करे-राइस
पाकिस्तान का दावा खारिज करते हुए अमेरिका ने बुधवार को कहा कि मुंबई के आतंकवादी हमलों को अंजाम देने वालों का सरकार से संबंध नहीं होने के बावजूद पाकिस्तान द्वारा प्रत्यक्ष और ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है।

विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी से चर्चा के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलिजा राइस ने कहा कि तथ्य यह है कि गैर सरकारी पक्ष देश के भीतर ही काम करते हैं। पाकिस्तान द्वारा इन पर प्रत्यक्ष और कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के मुंबई आतंकवादी हमलों में पाकिस्तान की संलिप्तता से इनकार करने की पृष्ठभूमि में राइस की टिप्पणी महत्व रखती है। जरदारी ने कहा था कि आतंकवादी हमलों को गैर सरकारी पक्षों ने अंजाम दिया था, जो पूरे विश्व को बंधक बनाना चाहते हैं।

उल्लेखनीय है कि मुम्बई में आतंकी हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्झ डब्ल्यू बुश ने विदेशमंत्री कोंडोलिजा राइस को यहाँ भेजा था। राइस ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान को मामले की तह तक जाना होगा और घटना के स्रोत तक पहुँचना होगा।

मुम्बई आतंकी हमले में अलकायदा के शामिल होने की बात को खारिज नहीं करते हुए राइस ने कहा कि ऐसे हमलों को रोकने के लिए भारत और अमेरिका को मिलकर दीर्घकालीन योजना तैयार करनी चाहिए।

अमेरिकी विदेश मंत्री कोंडोलिजा राइस ने वांछित भगोड़ों को सौंपने की भारत की माँग पर सीधी टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि मैं इस बारे में पाकिस्तान की पूर्व में व्यक्त की गई प्रतिबद्धता के बीच ठोस प्रतिबद्धता चाहती हूँ और यह बात बताना चाहती हूँ कि आतंकवाद भारत और पाकिस्तान दोनों का दुश्मन है।

भारत ने मुम्बई पर आतंकी हमलों में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोइबा के शामिल होने के बारे में पहले ही अमेरिका के समक्ष साक्ष्य पेश कर दिए हैं। इस मामले में अमेरिकी संघीय जांच एजेंसी (एफबीआई) के अधिकारी शामिल हैं और हमले में गिरफ्तार किए गए आतंकवादी से पूछताछ कर रहे हैं। गिरफ्तार आतंकवादी पाकिस्तान का रहने वाला है।

इस संबंध में एक प्रश्न के जवाब में राइस ने कहा कि मैंने इस बारे में पहले ही संदेश भेज दिया है और पाकिस्तान ने इसे सकारात्मक अंदाज में स्वीकार किया है कि दोषी चाहे जहाँ भी हो उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा करना है।

राइस ने कहा सरकार को यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि वह ऐसे हमलों को रोकने के वास्ते सूचना एकत्र करने के लिए क्या कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले की तह तक जाना हमारे हित में हैं और हम इस मामले में दोषियों को न्याय के कटघरे में खड़ा करना चाहते हैं और ऐसी घटनाओं को रोकना चाहते हैं। पाकिस्तान के लिए भी यही संदेश है।

अमेरिकी विदेशमंत्री ने कहा कि हमारे पास अभी जो भी खुफिया सूचना है उस पर अमेरिका काम करने को तैयार है, लेकिन वह इस बारे में कोई भी ब्योरा नहीं देना चाहती हैं ताकि आतंकवादियों को कुछ भी पता नहीं चल सके क्योंकि वह प्रतिक्रिया में काफी तेजी से काम करते हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका, ब्रिटेन और भारत जैसे देश इसकी तह तक जाने में रुचि रखते हैं और दोषियों को न्याय के कटघरे में खड़ा करना चाहते हैं। आतंकी हमले को रोकना हमारे हित में हैं।

राइस ने आतंकवादियों के धन प्राप्ति के स्रोतों का पता लगाकर उस पर अंकुश लगाए जाने की जरूरत पर जोर देते हुए यह सुनिश्चित करने को कहा कि मुंबई जैसे आतंकी हमले दुबारा न हों।
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