कांग्रेस हाईकमान ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के इस्तीफे के बारे में मंगलवार को कोई फैसला नहीं लिया और इस्तीफे को लेकर अनिश्चितता बरकरार है।
देशमुख ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से भेंट की। इस दौरान कांग्रेस में महाराष्ट्र प्रभारी तथा रक्षामंत्री एके एंटोनी, विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी मौजूद थे।
करीब एक घंटे से ज्यादा समय चली इस बैठक के बाद एंटोनी ने कहा कि देशमुख ने गाँधी के समक्ष अपनी स्थिति विस्तार से रखी और दोबारा अपने पद से इस्तीफे की पेशकश की। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह अपना फैसला बाद में सुनाएँगी।
देशमुख ने बैठक के बाद कहा कि उन्होंने सोनिया के समक्ष मुंबई में आतंकवादी हमले के बाद से उत्पन्न स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मैंने अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश आज भी की।
देशमुख के अनुसार गाँधी ने कहा कि फैसले के बारे में सूचित किया जाएगा। जब पूछे जाने पर कि उनके इस्तीफे के फैसले में विलम्ब क्यों हो रहा है देशमुख ने कहा कि इसकी उन्हें कोई जानकारी नही है।
उत्तराधिकारी के बारे में पूछे जाने पर देशमुख ने कहा कि पार्टी ने अपने फैसले के बारे में कोई सूचना नहीं दी है। अतः उत्तराधिकारी के बारे में वह फिलहाल कुछ नहीं बता सकते।
यह पूछे जाने पर कि महाराष्ट्र में कांग्रेस विधायकों की राय जानने के लिए विधायक दल की बैठक कब हो रही है, देशमुख ने कहा कि इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। आतंकवादी हमले के बाद ताज होटल के निरीक्षण के समय फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा को अपने साथ ले जाने पर देशमुख ने खेद भी प्रकट किया। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष जो भी फैसला करेगी उसका वह पालन करेंगे।
इससे पूर्व मुंबई से यहाँ पहुँचने पर देशमुख ने एंटोनी और मुखर्जी से संयुक्त रूप से मुलाकात की और मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद उत्पन्न स्थिति की जानकारी दी। बाद में सभी नेताओं ने गाँधी से उनके आवास पर लगभग डेढ़ घंटे तक बातचीत की।
सोनिया गाँधी से मुलाकात करने वालों में मुंबई क्षेत्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष कृपाशंकरसिंह और वरिष्ठ सांसद बालासाहेब विखे पाटिल प्रमुख थे। इससे पूर्व राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान द्वारा देशमुख के इस्तीफे पर कोई फैसला करने के बाद उनकी पार्टी महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री आरआर पाटिल के उत्तराधिकारी के बारे में फैसला करेगी।
मुंबई में हुई राकांपा विधायक दल की बैठक में पाटिल के उत्तराधिकारी के फैसले का अधिकार पवार को सौंपा गया था। राकांपा सूत्रों के अनुसार देशमुख का उत्तराधिकारी यदि मराठा समुदाय का हुआ तो राकांपा किसी गैर मराठा को उपमुख्यमंत्री बनाएगी।
पार्टी ने अब उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री दोनों पदों अलग-अलग करने का फैसला किया है। पाटिल उपमुख्यमंत्री के साथ-साथ गृहमंत्री भी थे। केन्द्रीय मंत्री सुशील कुमार शिंदे का नाम भी मुख्यमंत्री के पद के लिए चर्चा में है। |