दिल्ली में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों में कथित तौर पर शामिल पाँच संदिग्ध आतंकवादियों को यहाँ की एक अदालत ने सोमवार को गुजरात पुलिस को सौंप दिया ताकि वह अहमदाबाद में हुए आतंकवादी हमले में आरोपियों की कथित भूमिका की जाँच कर सके।
सभी संदिग्ध मोहम्मद सैफ, जीशान अहमद, मोहम्मद शकील, जिया उर रहमान और साकिब निसार को कनाट प्लेस के पुलिस थाने में दर्ज मामले के तहत 12 दिन की हिरासत में हुई पूछताछ के बाद मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट विनय सिंघल के समक्ष पेश किया गया।
संदिग्धों को यहाँ के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज मामलों में न्यायिक हिरासत में रखा गया था। गुजरात पुलिस ने अहमदाबाद में गत 26 जुलाई की शाम हुए समान तरह के विस्फोटों में संदिग्धों की भूमिका की जाँच के लिए उनकी ट्रांजिट रिमांड चाहने को लेकर अदालत में अर्जी दी थी।
गुजरात पुलिस ने अदालत से कहा कि इस तरह के वहाँ दर्ज मामलों में अब तक 27 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जाँच के दौरान इन पाँच संदिग्धों के नाम सामने आए हैं।
दिल्ली विस्फोटों के इन आरोपियों को अहमदाबाद के मणिनगर पुलिस थाने में दर्ज मामले के तहत गुजरात पुलिस को सौंपा गया है। इस बीच राजस्थान पुलिस ने भी पाँच संदिग्धों में से एक मोहम्मद सैफ की हिरासत के लिए समान तरह की अर्जी दाखिल की जिसे अदालत ने इस आधार पर खारिज कर दिया कि अर्जी पहले गुजरात पुलिस ने दी थी। अदालत ने हालाँकि राजस्थान पुलिस से इसी तरह की अर्जी गुजरात में देने को कहा है।
संदिग्ध आरोपियों के वकील ने सभी को गुजरात पुलिस को सौंपने की मंजूरी देने का यह कहते हुए विरोध किया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी इस मामले पर गौर किया है।
दक्षिण दिल्ली के जामिया नगर में गत 19 सितंबर को हुई मुठभेड़ के बाद सैफ को गिरफ्तार किया गया था, जबकि जीशान को उसी शाम मध्य दिल्ली के झंडेवालान क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था, जहाँ वह एक निजी टीवी चैनल में साक्षात्कार देने के लिए गया था।
अन्य तीन आरोपी शकील, जिया और साकिब को गत 20 सितंबर को शाहीन बाग से गिरफ्तार किया गया था।
सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता विस्फोटक सामग्री कानून और गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। |