उत्तरी श्रीलंका में तमिलों की स्थिति को लेकर द्रमुक और उसकी सहयोगी पार्टियों की धमकी से केंद्र सरकार पर संकट के जो बादल मँड़रा रहे थे, छँट गए हैं और पार्टी प्रमुख एवं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि ने विदेशमंत्री प्रणब मुखर्जी को आश्वस्त किया है कि वह संप्रग सरकार के लिए कोई परेशानी नहीं पैदा करेंगे। संप्रग अध्यक्ष सोनिया गाँधी के साथ टेलीफोन पर करुणानिधि की बातचीत के बाद द्रमुक प्रमुख ने मुखर्जी को यह आश्वासन दिया। उल्लेखनीय है कि द्रमुक और उसके सहयोगी दलों के सांसदों ने तमिल मुद्दे पर पद छोड़ने के लिए 29 अक्टूबर तक का अल्टीमेटम दे रखा था। इस बीच वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने इस बात का खंडन किया है कि केंद्र सरकार श्रीलंका को सैन्य मदद दे रही है। मुखर्जी के साथ बैठक के बाद द्रमुक प्रमुख करुणानिधि ने कहा कि लोकसभा से इस्तीफा देने के संबंध में 15 दिनों का अल्टीमेटम जारी करने का फैसला 14 अक्टूबर को एक सर्वदलीय बैठक में लिया गया था। उन्होंने कहा कि मुखर्जी ने अनुरोध किया कि केंद्र सरकार के लिए संकट पैदा नहीं करें और मैंने उन्हें आश्वस्त किया है कि मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए मैं कोई संकट नहीं पैदा करने जा रहा हूँ। करुणानिधि ने कहा यह 40 साल पुरानी समस्या है और सिर्फ चार दिनों में इसका हल नहीं किया जा सकता। |