राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा कि आतंकवाद और धर्मिक घृणा के कारण दुनिया में अनिश्चितता और भय का जो वातावरण बना हुआ है, उसे भारतीय संतों के सदियों पुराने दर्शन से दूर किया जा सकता है।
राष्ट्रपति ने कहा कि जब मैं दूसरे देशों के शासनाध्यक्षों से मिलती हूँ तो मुझे ऐसा लगता है कि विभिन्न समस्याओं के कारण अनिश्चितता और भय का वातावरण है। आतंकवाद के कारण भय का माहौल बना हुआ है और एक धर्म दूसरे धर्म से संघर्ष कर रहा है।
संत ज्ञानेश्वर तथा संत तुकाराम को समर्पित मंदिर में दर्शन के बाद के बाद उन्होंने कहा कि भारतीय संतों के दर्शन और शिक्षा से लोगों को एक साथ लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि आज दुनिया में वैश्वीकरण का प्रभाव है और लोग पश्चिमी सभ्यता का आँख मूंद का अनुसरण कर रहे हैं। ऐसे में संत तुकाराम की शिक्षा हमारा मार्गदर्शन कर सकती है। |