कश्मीरियों का दशकों पुराना सपना इस शनिवार को सच हो जाएगा, जब प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह जम्मू-कश्मीर के अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान मध्य कश्मीर को श्रीनगर से जोड़ने वाली पहली ट्रेन को झंडी दिखा कर रवाना करेंगे।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया प्रधानमंत्री शनिवार को श्रीनगर में बड़गाम से नौगाम स्टेशन जाने वाली पहली ट्रेन को झंडी दिखा कर रवाना करेंगे। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री सद्भावना संकेत के तौर पर नौगाम स्टेशन से डीएमयू ट्रेन डीजल मल्टीपल यूनिट पर चढ़ेंगे।
दोनों स्टेशनों के बीच की दूरी अधिक नहीं है, लेकिन यह पहला मौका होगा, जब कश्मीरी घाटी में ट्रेन चलती हुई देखेंगे। शनिवार को इस ट्रेन सेवा का उद्घाटन बारामुला (उत्तरी कश्मीर) को काजीगुंद (दक्षिणी कश्मीर) से जोड़ने की योजना का हिस्सा होगा।
सूत्रों ने बताया ट्रेन का व्यावसायिक इस्तेमाल कुछ समय बाद शुरू होगा। श्रीनगर रेलवे स्टेशन तीन मंजिला इमारत है। लकड़ी पर खूबसूरत नक्काशी वाली यह इमारत बगीचे से घिरी है। समारोह के दौरान प्रधानमंत्री जनता को संबोधित करेंगे। यह भी उम्मीद की जा रही है कि वे भारत पाक संबंधों के बारे में कुछ घोषणाएँ करेंगे।
संयोगवश प्रधानमंत्री की जम्मू-कश्मीर यात्रा ऐसे समय पर हो रही है, जब पाक अधिकृत कश्मीर से एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल भी श्रीनगर पहुँच रहा है। यह प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को श्रीनगर पहुँचेगा और एक सप्ताह तक राज्य में रूकेगा। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल कश्मीर और जम्मू के व्यापारियों से बातचीत करेगा।
प्रधानमंत्री शुक्रवार को उधमपुर पहुँचेंगे। वे डोडा क्षेत्र में 450 मेगावाट की बगलिहार पनबिजली परियोजना का उद्घाटन करेंगे। जम्मू-कश्मीर में यह दूसरी विद्युत परियोजना है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री करेंगे। इस साल अप्रैल में उन्होंने दुलहस्ती विद्युत परियोजना का उद्घाटन किया था, जिसका निर्माण नेशनल हाइड्रो पॉवर कॉर्पोरेशन (एनएचपीसी) ने किया था।
बगलिहार परियोजना जम्मू-कश्मीर से पाकिस्तान की ओर बहने वाली चिनाब नदी पर तैयार की गई है, लेकिन शुरुआत से ही यह विवादों में घिरी रही। पाकिस्तान ने इस आधार पर परियोजना का विरोध किया कि इससे उसके भूभाग के पानी की धारा बदल जाएगी। वर्ष 2005 में उसने एकतरफा विश्व बैंक से संपर्क किया। विश्व बैंक 1960 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुई सिंधु जल संधि का तीसरा पक्ष है। |