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अमरसिंह को नहीं मिला आश्वासन
समाजवादी पार्टी के महासचिव अमरसिंह ने बुधवार को प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह से मुलाकात करके जामिया नगर में हुई मुठभेड़ की न्यायिक जाँच कराने की माँग की, लेकिन वह कोई भी आश्वासन पाने में असफल रहे।

मुलाकात के बाद प्रधानमंत्री निवास के बाहर अमरसिंह ने बताया कि वह प्रधानमंत्री से मिले और जामिया नगर में हुई मुठभेड़ की न्यायिक जाँच कराने की माँग की, लेकिन वह प्रधानमंत्री ने कोई भी आश्वासन नहीं दिया।

उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख मुलायमसिंह इस मुद्दे को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन-समाजवादी पार्टी समन्वय समिति की बैठक के दौरान उठाएँगे। इस बैठक के 14 अक्टूबर को होने की संभावना है।

सपा नेता ने दावा किया कि इस मुठभेड के बाद जामिया नगर के अल्पसंख्यक लोग अपने आप को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि असम में मुस्लिम समुदाय पर हुई हमले और महाराष्ट्र में इस समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा तथा इस घटना ने उनके अंदर असुरक्षा की भावना भर दी है। उनकी पार्टी को इस बात की गहरी चिंता है।

प्रधानमंत्री आवास पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम के नारायणन की मौजूदगी में करीब एक घंटा हुई बातचीत में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले और भारत अमेरिका परमाणु असैनिक समझौता मुद्दा शामिल था।

सपा नेता ने कहा कि उन्होंने हमले के बाद गृहमंत्री शिवराज पाटिल के इस्तीफे की माँग नहीं उठाई थी। अमरसिंह ने कहा कि उन्होंने जामिया नगर में मुठभेड़ में गिरफ्तार युवकों को कानूनी लड़ाई में होने वाले खर्च देने का वायदा किया है।

अमरसिंह ने कहा मीडिया के एक वर्ग में कहा गया है कि वह आतंकवादी संगठनों को वित्तीय सहायता दे रहे हैं, यह सही नहीं है। सपा नेता ने कहा कि मुठभेड में जो युवक गिरफ्तार किए गए है वह आजमगढ़ के रहने वाले हैं और वह उनका पैतृक निवास है। इस बात को ध्यान में रखने हुए इन युवकों को कानूनी खर्च में सहायता देने का फैसला किया गया है।

अमरसिंह ने कहा कि उन्होंने यह आवाज उठाई है कि अल्पसंख्यक अपने आप को असुरक्षित महसूस नहीं करें और यही माँग हमारी सत्तारूढ़ सरकार से भी है।

सपा नेता ने स्पष्ट करते हुए कहा कि उनकी मंशा दिल्ली पुलिस या उनके शहीद हुए इंस्पैक्टर एमसी शर्मा की योग्यता पर कोई प्रश्न चिह्न लगाने की नहीं थी। उन्होंने कहा कि वह पहले व्यक्ति थे जिन्होंने शर्मा की मृत्यु के बाद उसके परिवार को वित्तीय सहायता देने की घोषणा की थी लेकिन उनके परिवार ने इसको स्वीकार नहीं किया।

अमरसिंह ने भाजपा की यह माँग ठुकरा दी कि घटना की सत्यता पर संदेह करने के लिए उन्हें देश से माफी माँगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संदेह मीडिया ने किया और उन्होंने उन खबरों पर केवल प्रतिक्रिया व्यक्त की।
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