माओवादी नेता सव्यसाँची पांडा ने कहा कि वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी विहिप नेता अशोक सिंघल और प्रवीण तोगड़िया सांप्रदायिकता फैलाने के कारण उनके स्वाभाविक निशाने पर हैं।
पांडा उर्फ सुनील ने शनिवार को राज्य में एक अज्ञात स्थान पर संवाददाताओं के एक समूह के साथ मुलाकात के दौरान कहा कि वह इन तीन नेताओं को मारने का मौका तलाश रहा है क्योंकि वे सांप्रदायिक तनाव फैला रहे हैं।
उड़ीसा पुलिस द्वारा सर्वाधिक वांछित घोषित और माकपा (माओवादी) की राज्य संयोजन समिति के सचिव पांडा ने कहा कि जब भी ये नेता जनता से मिलने आते हैं तो केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों की सुरक्षा में रहते हैं। इसी कारण हम अब तक इन्हें नहीं मार सके हैं।
उसने पहली बार इस बात को स्वीकार किया कि किसी धार्मिक विवाद में माओवादियों ने लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या कर पहली बार हस्तक्षेप किया। उसने कहा कि वे एक जातिविहीन समाज का निर्माण करना चाहते हैं, जिसमें कोई अत्याचार नहीं हो और जहाँ लोगों को किसी भी प्रकार के भेदभाव का सामना नहीं करना पड़े।
जब उससे पूछा गया कि क्या उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक भी उनके निशाने पर हैं, पांडा ने कहा नहीं। |