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कांग्रेस को दिखाएँ बाहर का रास्ता-आडवाणी
आतंकवाद, महँगाई और किसानों की समस्याओं से निपटने तथा देश को विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ाने का आह्वान करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि आगामी चुनाव में देश की जनता को सूझबूझ, साहस और विवेक का परिचय देते हुए कांग्रेस को बाहर का रास्ता दिखाना होगा।

भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी ने बरेली में आयोजित विजय संकल्प रैली में कहा कि सूरत में प्लेग, कच्छ में भूकंप और मोरबी मे बाढ़ का गुजरात की सरकार और जनता ने पूरी हिम्मत और साहस से मुकाबला किया और इसकी तस्वीर बदल गई।

उन्होंने कहा कि आतंकवाद से मुकाबला करने में भी गुजरात सरकार ने साहस का परिचय दिया है। हमें प्रदेश और केंद्र में गुजरात जैसी सरकार की जरूरत है। भाजपा नेता ने कहा कि अगर केंद्र में राजग की सरकार बनी तो भारत-अमेरिका असैनिक परमाणु करार पर फिर से बातचीत की जाएगी।

उन्होंने कहा कि पोखरण-2 के बाद हमारी पार्टी ने भी माना था कि हम परमाणु परीक्षण नहीं करेंगे, लेकिन प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने अमेरिका को लिखकर दे दिया कि हम पोखरण तीन नहीं करेंगे।

विपक्ष के नेता ने कहा कि मनमोहनसिंह ने आगे परमाणु परीक्षण नहीं करने का इसलिए लिखित आश्वासन दिया कि बीस साल बाद हमारी ऊर्जा आवश्यकता की पाँच प्रतिशत बिजली हमें मिलेगी।

उन्होंने जनता का आह्वान किया कि चुनाव में कांग्रेस जब उनसे मत माँगने आए माँगने आए तो वह उनसे कहे कि जब बीस साल बाद बिजली आएगी, तब वोट माँगने आना।

आडवाणी ने जानी-मानी लेखिका अरुंधति राय पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि राय ने एक पुस्तक लिखी है जिसमें यह कहा गया है कि 2001 में संसद पर हमला तत्कालीन सरकार ने खुफिया ब्यूरो के साथ मिलकर किया था।

आडवाणी ने प्रश्नवाचक लहजे में कहा कि हम अपने नौ वीर सिपाहियों की इस तरह से बलि दे सकते हैं, क्या ऐसा सोचा जा सकता है। यह कितनी विकृत मानसिकता का परिचायक है, इसका अनुमान आप स्वयं लगा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2001 में संसद पर दुस्साहसिक हमला करने के मुख्य साजिशकर्ता अफजल गुरु को निचली अदालत, उच्च न्यायालय तथा उच्चतम न्यायालय द्वारा फाँसी की सजा सुनाए जाने के बावजूद कांग्रेस नीत संप्रग सरकार फाँसी नहीं दे रही है पर भाजपा सत्ता में आई तो इस पर अमल किया जाएगा।
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