समाजवादी पार्टी ने यहाँ के जामिया नगर इलाके में गत दिनों हुई मुठभेड़ की न्यायिक जाँच कराने की माँग की है। साथ ही उसने धमकी दी है कि अगर जाँच में यह साबित होता है कि गिरफ्तार किए गए लोग निर्दोष हैं तो वह संप्रग सरकार को जारी समर्थन पर दोबारा विचार करेगी।
पार्टी महासचिव अमरसिंह ने कहा कि सपा जामिया नगर मुठभेड़ मामले की न्यायिक जाँच तथा इस घटना के पीछे की सच्चाई का खुलासा चाहती है। गत 19 सितंबर को हुई इस मुठभेड़ में इंडियन मुजाहिदीन के दो संदिग्ध आतंकवादी मारे गए थे।
सिंह ने कहा कि वे चाहेंगे कि जब तक न्यायिक जाँच पूरी नहीं हो जाती है, तब तक गृहमंत्री शिवराज पाटिल नैतिक आधार पर इस्तीफा दे दें।
सिंह ने कहा कि हमारी पार्टी ने सरकार का समर्थन भाजपा को दूर रखने के लिए अल्पसंख्यक समुदाय की ओर से पड़ रहे दबाव के कारण किया। अगर न्यायिक जाँच में यह बात साबित होती है कि सिलसिलेवार धमाकों के सिलसिले में गिरफ्तार लोग निर्दोष है तो हमें संप्रग सरकार को समर्थन पर दोबारा विचार करना होगा।
सिंह का यह बयान बटला हाउस की यात्रा करने के बाद आया है। इसी मकान में मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में दिल्ली पुलिस के अधिकारी मोहनचंद शर्मा की भी मौत हो गई थी।
गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने गत 19 और 21 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी से इंडियन मुजाहिदीन के पाँच संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया था।
गत 13 सितंबर को आतंकवादियों ने दिल्ली को पाँच श्रृंखलाबद्ध विस्फोटों से दहला दिया था। इन धमाकों में 25 लोग मारे गए थे, जबकि 100 अन्य घायल हुए थे।
पुलिस ने दावा किया था कि राष्ट्रीय राजधानी में हुए धमाकों के पीछे इंडियन मुजाहिदीन के 13 सदस्यीय मॉड्यूल का हाथ था। पुलिस का कहना था कि अहमदाबाद, जयपुर, गोरखपुर और वाराणसी में भी इसी मॉड्यूल का हाथ था। |