कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी की रैली में शनिवार को यहाँ भाषण के दौरान कुछ किसानों द्वारा जमीन अधिग्रहण के लिए कम मुआवजा दिए जाने का विरोध करते हुए नारेबाजी की जिससे कुछ देर के लिए अव्यवस्था की स्थिति पैदा हो गई।
काँझावला गाँव के करीब दो दर्जन से ज्यादा किसानों ने यहाँ छत्रसाल स्टेडियम में गाँधी और मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के खिलाफ उस वक्त नारेबाजी शुरू कर दी, जब कांग्रेस प्रमुख ने अपने भाषण के दौरान किसानों को दिए गए कर्ज माफी की चर्चा की। इन किसानों में ज्यादातर अधेड़ उम्र की महिलाएँ थीं।
किसानों की नारेबाजी जब कुछ देर तक नहीं रुकी तो कांग्रेस कार्यकर्ता भी सोनिया गाँधी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। इस पर उनमें हल्की झड़प भी हो गई। हालाँकि सोनिया गाँधी ने इस नारेवाजी और हंगामे के बीच अपना भाषण जारी रखा, लेकिन उनका भाषण ठीक से सुना नहीं जा सका। राजधानी के अनियमित कालोनियों के प्रतिनिधियों को नियमितीकरण का प्रोविजनल प्रमाण-पत्र सौंपने के लिए इस समारोह का आयोजन किया गया था। सोनिया ने 11 प्रतिनधियों को प्रमाण -पत्र सौंपे। |