उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा है कि सामान्य जनता में सही खबरें जानने की बेहद भूख है, इस दृष्टि से 'नईदुनिया' की यह पहल सराहनीय है कि वह 'स्वास्थ्य' तथा 'कानून' पर विशेष सामग्री का प्रकाशन करेगा। उपराष्ट्रपति निवास पर 'नईदुनिया' के राष्ट्रीय राजधानी संस्करण तथा 'संडे नईदुनिया' की प्रति प्राप्त करते हुए अंसारी ने कहा कि अभी भी अखबार कानून और स्वास्थ्य पर पर्याप्त सामग्री नहीं देते हैं, जबकि 'नईदुनिया' ने इस जरूरत को पूरा करने का निर्णय किया है।उनका कहना है कि भारत जैसे बड़े देश में उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों के जो फैसले आते हैं, उनका असर व्यापक जनता पर हो रहा है। इन निर्णयों के बारे में आसान भाषा में जानकारी देकर 'नईदुनिया' एक बड़ा काम कर रहा है जिसकी सराहना की जानी चाहिए।उन्होंने कहा कि 'नईदुनिया' जैसे अखबार का दिल्ली आना इस बात का प्रमाण है कि अब मीडिया क्षेत्रीयता की खोह से निकलकर राष्ट्रीय हो रहा है। यह एक शुभ लक्षण है। उपराष्ट्रपति ने कहा कि ऐसा कहा जा रहा है कि इलेक्ट्रॉनिक मीडिया आने के बाद लोग अखबार नहीं पढ़ते, मगर यह बात सही नहीं है। देश में साक्षरता बढ़ने के साथ पढ़ने वालों का दायरा भी बढ़ रहा है और बेहतर अखबार की जरूरत अभी भी बनी हुई है।उनका कहना है कि अखबारों में इश्तहार आजकल ज्यादा हैं, खबरें कम। इसके अलावा तस्वीरों पर भी जोर है, लेकिन अखबार तस्वीरों और इश्तहारों के बल पर बिक नहीं सकते। उनमें ठोस सामग्री भी होनी चाहिए। उनकी इस जरूरत को पूरा करने में 'नईदुनिया' निश्चित रूप से समर्थ होगा। उपराष्ट्रपति को प्रधान संपादक आलोक मेहता, संडे नईदुनिया के संपादक विष्णु नागर तथा राजनयिक संपादक सुश्री सुनंदा राव ने 'नईदुनिया' तथा 'संडे नईदुनिया' की पहली प्रति भेंट की।नईदुनिया की अहम भूमिका-मनमोहनसिंहनईदुनिया हमेशा नई रहेगी-प्रतिभा पाटिलनईदुनिया की राष्ट्रीय राजधानी में दस्तक |
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