- सुमन कुमार
केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालय इन दिनों एक गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं। इनमें कार्यरत महिला कर्मचारियों में अचानक छुट्टी लेने की होड़ लग गई है। कई विभागों में आधी से अधिक महिला कर्मचारी छुट्टी का आवेदन दे चुकी हैं। अगर आप यह सोच रहे हैं कि ऐसा त्योहारों के सीजन की वजह से है तो आप गलत हैं। ऐसा छठे वेतन आयोग की एक सिफारिश के लागू होने से हुआ है। दरअसल वेतन आयोग ने सिफारिश की थी कि महिलाओं का मातृत्व अवकाश साढ़े चार महीने से बढ़ाकर दो वर्ष कर दिया जाए। वे दो वर्ष की यह छुट्टी बच्चे के 18 वर्ष की आयु होने तक कभी भी एकमुश्त या किस्तों में ले सकती हैं। छुट्टी के लिए महिलाओं को पूरे वेतन तथा अन्य भत्तों का भुगतान किया जाएगा। सरकार ने वेतन बढ़ाने संबंधी सिफारिश के साथ-साथ आयोग की यह सिफारिश भी मंजूर कर ली है और इस संबंध में अधिसूचना भी जारी कर दी गई है।
9 माह की छुट्टी का आवेदन : एक सरकारी विभाग में तो एक महिला ने पूरे 9 महीने की छुट्टी का आवेदन दिया है क्योंकि उनका बेटा 9 महीने के अंदर 18 वर्ष का हो जाएगा और नए नियम के तहत महिला कर्मचारी 9 महीने की छुट्टी की हकदार हो गई है। वित्त मंत्रालय के एक विभाग में करीब आधी महिला कर्मचारियों ने छुट्टी की अर्जी दे रखी है और छुट्टी की अवधि महीनों में है। तकरीबन सभी सरकारी विभागों की स्थिति ऐसी ही है जहाँं मातृत्व अवकाश लेने वाली महिलाओं की लाइन लगी हुई है। |