मुख पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > राष्ट्रीय > कब 'अलर्ट' होगी हमारी सरकार
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
कब 'अलर्ट' होगी हमारी सरकार
-वेबदुनिया डेस्
'हाई अलर्ट', अँगरेजी भाषा का यह शब्द भारत और उसके बेगुनाह बाशिंदों के लिए अब नया नहीं रहा। इसका सर्वाधिक इस्तेमाल सरकार, पुलिस और प्रशासन उस वक्त करते हैं, जब या तो सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बनती है या फिर देश का कोई हिस्सा आतंक की आग में झुलस जाता है। या यूँ कहें किसी भी हादसे से पहले या उसके बाद सुरक्षा के नाम पर पुलिस-प्रशासन यही जुमला अलापता है।

हकीकत यह है कि न तो पुलिस-प्रशासन इसके असल मायने जानते हैं और न ही केंद्र सरकार, क्योंकि अगर ऐसा होता तो पिछले कुछ महीनों से देश को टुकड़ों में दर्द बाँट रहे आतंकी संगठन सिमी के हौसले इतनी बुलंदी पर कभी नहीं पहुँचते।

'अलर्ट' रहने का असल अर्थ : दरअसल, अमेरिका में आंतरिक सुरक्षा तंत्र को आतंकी धमकी के मान से रंगों के पैमाने में ढाला गया है। इसमें खुफिया एजेंसियों द्वारा दर्शाया जाने वाला अलग-अलग पैमाना आतंकियों की धमकी के स्तर को प्रदर्शित करता है। इसी आधार पर स्थानीय प्रशासन अपनी सुरक्षा व्यवस्था को अंजाम देता है।

एजेंसियों के निर्देश पर ही हवाई अड्डा और दूसरे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बंदोबस्त किए जाते हैं। अमेरिकी मीडिया में इसे 'टेरर अलर्ट लेवल' (आतंकी सतर्कता स्तर) के नाम से जाना जाता है।

ऐसे आया अमल में : आतंकी सतर्कता स्तर का खाका 9/11 के आतंकी हमले के तीन महीने बाद अमेर‍िकी होमलैंड सिक्यूरिटी प्रेसीडेंशियल डाइरेक्टिव ने खींचा।

इसका मकसद आतंकी घटनाओं के अंदेशे से जुड़ी व्यापक और प्रभावी सूचनाएँ खुफिया एजेंसियों और स्थानीय सरकार को प्रदान करना था। पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था के लिए बनाया गया यह तंत्र 12 मार्च 2002 को प्रभाव में आया। जनवरी 2003 में होमलैंड सिक्यूरिटी सिस्टम ने पूरे निकाय को सुचारु बनाने के लिए इसके लिए नया विभाग खोला।

रंग पैमाने (कलर स्केल) में आतंकी धमकी और उसके दायरे को निरूपित करते पाँच अलग-अलग रंग होते हैं। इनके आधार पर तय किया जाता है कि पुलिस या स्थानीय प्रशासन को पूरे मामले में किस तरह की एहतियात बरतना है।

पैमाने में रंग लाल (रेड) का अर्थ है जोखिम गंभीर है। यदि संकेत संतरी (ऑरेंज) रंग लिए हुए है तो इसका मतलब धमकी या सूचना ज्यादा गैरमामूली है। इसी तरह पीला रंग ऐसे किसी जान-माल के अंदेशे की खबर देता है। अगर पैमाने में दिखने वाला रंग नीला है तो यह सामान्य जोखिम और हरा रंग निचले स्तर के हादसे की सूचना देता है। यहाँ यह उल्लेखनीय है कि सारी सूचना सरकार या प्रशासन विशेष के लिए होती है। इसका खुलासा आम जनता में नहीं किया जाता है।

अमेरिकी प्रशासन इसे कभी-कभी आतंकी सूचना संदेशों के रूप में यात्रियों के बीच और आपातकालीन स्थितियों में जरूर उजागर करता है, ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके। इस दौरान एक विशेष तैयारी किट और आपातकालीन योजना भी नागरिकों में वितरित करवाई जाती है।

लाल रंग (रेड अलर्ट) : गंभीर जोखिम
संतरी रंग (हाई अलर्ट) : भारी खतरे का अंदेशा
पीला रंग : सुरक्षा लिहाज से अहम सूचना
नीला रंग : सामान्य सुरक्षा व्यवस्था जरूरी
हरा रंग : मामला गंभीर नहीं, सतर्क रहें

भारतीय पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो की पूर्व महानिदेशक किरण बेदी के शब्दों में भारत में रेड अलर्ट को उस तरह नहीं लिया जाता, जैसा अमेरिका में। अमेरिका में रेड अलर्ट की घोषणा अखबारों की सुर्खियों का विषय हो जाती है। इसे लेकर टीवी पर गर्मागर्म बहस शुरू हो जाती है। वहाँ रेड अलर्ट लगता है तो जगह-जगह सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी नजर आने लगती है, तलाशी ली जाने लगती है, जिसे हर व्यक्ति बिना किसी दबाव और बहस के आसानी से स्वीकार भी कर लेता है और उसमें सहयोग भी देता है। लोगों को यह एहसास होता है कि पुलिस वाले अपनी निहायत ही मुश्किल ड्यूटी बड़ी कार्यकुशलता से निभा रहे हैं।

हाई और रेड अलर्ट में अंतर : व्यापक अर्थों में देखें तो 'हाई' और 'रेड' अलर्ट दोनों ही पुख्ता सुरक्षा इंतजामों की ओर इशारा करते हैं। रेड अलर्ट में जहाँ पुलिस-प्रशासन आम दिनों से ज्यादा सुरक्षा बलों की तैनाती करता है, शहर के हर प्रमुख इलाके में आते-जाते लोगों पर नजर रखी जाती है।

दूसरी ओर हाई अलर्ट में यह सारी व्यवस्था खुद-ब-खुद गैरमामूली और चाक-चौबंद इंतजामों में बदल जाती है। सार्वजनिक स्थानों जैसे बस स्टैंड, एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों पर तलाशी अभियान चलाया जाता है। बम निरोधक दस्ते तैनात कर दिए जाते हैं। हालात के अनुसार कभी-कभी राज्यों की सीमा सील करने जैसे कदम भी उठाए जाते हैं।

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार हाई और रेड अलर्ट दोनों ही सूरतों में सुरक्षा इंतजामों की जरा-सी चूक किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। जाहिर है ये निर्देश तभी दिए जाते हैं, जब हालात सामान्य से कई गुना गंभीर होते हैं।
और भी
फिर किया वाई फाई को हैक
दिल्ली विस्फोट, शक की सूई सिमी पर
मुंबई से भेजे गए ई-मेल की जाँच जारी
भाजपा ने प्रधानमंत्री से इस्तीफा माँगा
स्पाइडर मिसाइलों से लैस होगी वायुसेना
अस्त्र मिसाइल का सफल प्रक्षेपण