बम विस्फोट के बाद पुलिस, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड के सायरन के बीच लोगों के मोबाइल फोन बजने लगे। दफ्तरों में टेलीफोन की घंटियाँ घनघनाने लगीं। बम विस्फोट की खबर फैलते ही पुलिस ने एहतियातन सभी बाजार बंद करा दिए। इसके अलावा कनॉट प्लेस के आसपास की पार्किंग को खाली करा लिया गया।
शाम होते ही जब लोगों के घर की ओर रुख करने का वक्त हुआ कि कनाट प्लेस के आसपास की इमारतों में दफ्तरों में बैठे लोगों के घरों से फोन आने लगे कि ठीक हो ना। जब तक कुछ माजरा समझ में आता बाहर सायरन सुनाई देने लगा। पता चला कि दिल्ली के कई इलाकों में एक के बाद कई विस्फोट हो गए। उसके बाद तो लोग जहाँ के तहाँ थम गए।
एक कंपनी में काम करने वाली पूजा घर के लिए निकलने ही वाली ही थी कि उसकी माँ का फोन आ गया, अभी मत निकलना तुम्हारा भाई लेने आ जाएगा। उसके बाद तो उसके ऑफिस में हल्ला हो गया। एक के बाद एक सभी के फोन बजने लगे। पास की ही एक इमारत में काम करने वाले राजेश के घर बिहार से फोन आया कि तुम ठीक हो ना। राजेश को नहीं मालूम था कि बम विस्फोट हो गया। उसके बाद तो इलाके में कई स्थानों से बम मिलने की सूचना ने उसे दहला दिया।
एक मोबाइल कंपनी में काम करने वाले मोहित के घरवालों ने ताकीद दी कि कुछ देर के बाद ही कार्यालय से निकले। एक बैंक में कार्य करने वाले नीलेश को अन्य कंपनी में कार्यरत अपनी पत्नी को लेने जाना था, लेकिन उन्हें कुछ देर वहीं रोककर उसने कहा कि अभी निकलना ठीक नहीं क्योंकि जहां गाड़ी खड़ी है, वह स्थान भी अभी सुरक्षित नहीं दिख रहा।
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