भारत और अमेरिका इस बात को लेकर खुश हैं कि परमाणु करार को एनएसजी की मंजूरी मिल गई है, लेकिन अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा कांग्रेस को भेजे गए उस गोपनीय पत्र का मुद्दा भारत बुश प्रशासन के सामने उठाने जा रहा है। इसमें कहा गया है कि भारत के परमाणु परीक्षण करने पर उसे ईंधन की आपूर्ति रोक दी जाएगी।
यह जानकारी यहाँ उच्च पदस्थ सूत्रों ने दी। 26 पेज का गोपनीय पत्र विएना में एनएसजी की निर्णायक बैठक की पूर्व संध्या पर वॉशिंगटन में जारी हो गया था। इसे लेकर भारत में काफी बवाल मचा था।
इससे 45 देशों वाले एनएसजी द्वारा किए जाने वाले विचार-विमर्श में जटिलताएँ पैदा हो गईं थीं। परमाणु संगठन ने हालाँकि बाद में सर्वसम्मति से भारत को छूट प्रदान कर दी।
भाजपा और वाम दलों ने गोपनीय पत्र को लेकर सरकार की खिंचाई करना शुरू कर दी और आरोप लगाया कि वह तथ्यों को छिपा रही है। इन दलों ने मुद्दे पर चर्चा के लिए तत्काल संसद का सत्र बुलाने की भी माँग की थी।
एनएसजी की बैठक से पहले हुए विवादास्पद खुलासे में अमेरिका स्पष्ट कर चुका है कि परमाणु परीक्षण की स्थिति में भारत को ईंधन आपूर्ति और अन्य परमाणु सहायता रोक दी जाएगी।
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