पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने कहा है कि अगर सर्वोच्च राष्ट्रीय हितों के लिए आवश्यक हो तो भारत परमाणु परीक्षण कर सकता है और ऐसा करने में कोई भी समझौता बाधा नहीं बन सकता है।
कलाम ने एक समाचार चैनल से बातचीत में कहा अगर सर्वोच्च राष्ट्रीय हित सामने हो तो कोई समझौता कोई संधि उसके रास्ते में नहीं आ सकती है। अगर अंतरराष्ट्रीय स्थिति ऐसी हो जाए कि देश को परीक्षण करना पड़े तो उसे परीक्षण करना पड़ेगा।
राजग सरकार द्वारा परमाणु परीक्षणों पर स्वेच्छिक रोक लगाए जाने की घोषणा को वर्तमान संप्रग सरकार द्वारा दोहराए जाने के बारे में पूछे जाने पर भारत के मिसाइल कार्यक्रम के जनक कहे जाने वाले कलाम ने कहा इसका मतलब यह है कि आपने कुछ खास तरह के परमाणु हथियार बना लिए हैं। इस विश्वास के साथ आप कह सकते हैं कि मैं अब और परीक्षण नहीं करूँगा।
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