एनएसजी से छूट हासिल करने के भारत के प्रयासों को 'आत्मसमर्पण' करार देते हुए माकपा ने रविवार को कहा कि भारत-अमेरिका परमाणु करार के खिलाफ उसकी लड़ाई अभी बंद नहीं हुई है। अब वे सत्ता में नई सरकार देखना चाहेगी, जो 123 समझौते को खत्म कर दे।
माकपा महासचिव प्रकाश करात ने कहा हमारी राजनीतिक लड़ाई विएना और वॉशिंगटन की बजाय यहाँ है। इस करार को निरस्त कराने या पलटने का संघर्ष खत्म नहीं हुआ है। करात ने कहा अगले चुनाव के बाद हमारा लक्ष्य यह देखना होगा कि नई सरकार 123 समझौते को निरस्त करने के लिए कदम उठाए। हम इसके लिए काम करेंगे।
उनकी पार्टी ने कांग्रेस से कहा था कि वह करार को प्रभावी बनाने से पहले जनादेश ले। परमाणु ईंधन या रिएक्टर की आपूर्ति के मामले में भारत को किसी अन्य देश से भी बेहतर सौदा नहीं मिलेगा, क्योंकि वे सभी 123 समझौते से बंधे रहेंगे।
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