बिहार में आई बाढ़ से व्यथित अभिनेता एवं निर्माता निर्देशक शेखर कपूर ने इस बात पर गहरी नाराजगी जताई है कि नेपाल में कोसी बाँध में संरचनात्मक दबाव दिखाई देने के बावजूद कोई चेतावनी जारी क्यों नहीं की गई और बिहार के करीब 30 लाख से अधिक लोगों की जान संकट में क्यों डाली गई।
शेखर कपूर ने अपने ब्लॉग में बिहार की बाढ़ का जिक्र करते हुए लिखा है कि तीस लाख से अधिक लोग इस तबाही के कारण अपने घरों से विस्थापित हो गए। 100 से अधिक लोगों के मरने की आशंका जताई जा रही है, लेकिन इस आँकड़े को अंतिम नहीं माना जा सकता, क्योंकि बाढ़ प्रभावित कई इलाकों का शेष राज्य से संपर्क टूट चुका है।
उन्होंने लिखा है कि कई लोग इस बाढ़ का कारण जलवायु परिवर्तन को बता रहे हैं, लेकिन जब इंजीनियरों ने नेपाल में कोसी बाँध में संरचनात्मक दबाव देख लिया था तो इसके फूटने और तबाही मचाने के बारे में चेतावनी जारी क्यों नहीं की गई।
शेखर ने लिखा है अगर खबरों पर यकीन किया जाए तो कहा गया है कि पटना कार्यालय को फैक्स भेज कर चेतावनी दी गई थी, लेकिन प्रभारी व्यक्ति छुट्टी पर गया था और कार्यालय में कोई नहीं था।
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