परमाणु मुद्दे पर नई जानकारियों से उठे नए विवाद के बीच समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को सरकार के पक्ष में खडे़ होते हुए पार्टी प्रमुख मुलायमसिंह के इस कथित बयान को खास महत्व नहीं देने का प्रयास किया कि इन खुलासों से पार्टी दुविधा में पड़ गई है।
सपा नेता अमरसिंह ने शुक्रवार को कहा कि हम इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री के बयान के साथ हैं। मुलायमसिंह के 'दुविधा' वाले बयान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख ने इस संदर्भ में अमेरिकी कांग्रेस की एक समिति को लिखे गए पत्र की बातों पर केवल यह कहा था तथ्यों को देखे जाने की जरूरत है।
भाजपा और वामपंथी दलों द्वारा इस मुद्दे पर विचार करने के लिए जल्दी ही संसद सत्र बुलाए जाने की माँग के संबंध में सिंह ने कहा कि विपक्ष केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए ऐसा कर रहे है।
सिंह ने कहा कि जब तक हमें प्रामाणिकता से परमाणु करार का पता नहीं चल जाए कि इससे देश की संप्रभुता को खतरा है, तब तक अपने समर्थन और प्रधानमंत्री के दिए आश्वासन दोनों को अपनी जगह शाश्वत मानेगी।
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह ने इस संबंध में पूरे देश और संसद को बताया कि हम देश की संप्रभुता के साथ कोई समझौता नहीं करेंगे। हम कांग्रेस के सदस्य के रूप में नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री के रूप में दिए गए सार्वजनिक आश्वासन को ही सत्य मानते हैं।
सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन का समर्थन करेगी, जिसे भी सोनिया गाँधी प्रधानमंत्री बनाएँगी उसको उनकी पार्टी का समर्थन मिलेगा।
सेज पर निशाना : विंडफाल टैक्स और स्पेक्ट्रम के बाद सपा के निशाने पर अब विशेष आर्थिक जोन (सेज) का मुद्दा आया है। पार्टी ने सेज को स्पेशल एक्सप्लॉइटेटिव जोन का मुद्दा करार देते हुए सरकार से इस मामले पर ध्यान देने को कहा।
अमरसिंह ने बताया कि उनकी पार्टी ने पिछले सप्ताह कांग्रेस-सपा समन्वय समिति की पहली बैठक में विंडफाल टैक्स स्पेक्ट्रम और सेज का मुद्दा उठाया था। इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैंने निर्यातोन्मुखी इकाइयों के मामले की पड़ताल करने के लिए वित्तमंत्री पी. चिदंबरम को पत्र लिखा है।
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