मुख पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > राष्ट्रीय > गुणी अध्यापकों की कमी से राष्ट्रपति चिंतित
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
गुणी अध्यापकों की कमी से राष्ट्रपति चिंतित
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने देश के ग्रामीण स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं और गुणी अध्यापकों की कमी पर चिन्ता व्यक्त करते हुए गाँवों में उत्तम शिक्षा उपलब्ध करवाने की जरूरत पर बल दिया है।

उन्होंने शिक्षकों से अपने अध्यापन कौशल और पद्धति को नवीनतम बनाने के लिए राष्ट्रीय पोर्टल का सार्थक इस्तेमाल करने का भी आह्वान किया है।

श्रीमती पाटिल ने विज्ञान भवन में देश भर से चुने गए 318 अध्यापकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान करते हुए यह आह्वान किया। पुरस्कार के लिए 320 अध्यापकों का चयन किया गया पर समारोह में दो शिक्षक अनुपस्थित थे। पुरस्कार में 25 हजार रुपए की राशि, एक रजत पदक तथा एक प्रशस्ति पत्र शामिल है।

राष्ट्रपति ने अपने भाषण के आरंभ में प्राचीन भारत में गुरुकुल शिक्षा प्रणाली तथा नालंदा विक्रमशीला और नागार्जुन कोण्डा जैसे विश्वविद्यालयों की चर्चा करते हुए कहा कि शिक्षा नैतिक मूल्य प्रदान करने वाला ऐसा माध्यम है, जो सामाजिक बदलाव लाता है।

उन्होंने कहा ‍कि शिक्षक ही होता है जो बाहरी दुनिया का परिचय करवाता है और युवा विद्यार्थियों के विचारों को सवाँरता है।

उन्होंने यह भी कहा कि एक अच्छा शिक्षक अच्छी तरह पढ़ाता है लेकिन एक बेहतर शिक्षक बच्चों से मानतावादी मूल्यों का संचार कराता है, जो उसे ईमानदारी से काम करना, माता-पिता, बुजुर्गो और सभी का सम्मान करना आदि सिखाता है।

प्रतिभा पाटिल ने यह भी कहा कि निरंतर सीखने वाला शिक्षक उस दीपक की भांति होता है, जिसकी लौ दूसरों को भी प्रदीप्त करती है। उन्होंने अंग्रेजी के प्रख्यात कवि यीट्स को उद्धत करते हुए कहा कि शिक्षा पानी भरना नहीं, बल्कि एक आग को सुलगाना है।

राष्ट्रपति ने कहा शिक्षकों के शिक्षा कार्यक्रमों में सुधार लाने और उन्हें मजबूत बनाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में उत्तम शिक्षा उपलब्ध करवाने की भी जरूरत है। हमारे ग्रामीण विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं और गुणी अध्यापकों की अनुपलब्धता रहती है।

उन्होंने कहा आज मैंने शिक्षकों के लिए एक राष्ट्रीय पोर्टल का शुभारंभ किया है। इसका मकसद ज्ञान अर्जित करने, सर्वोत्तम प्रयोगों और अनुभवों को आपस में बाँटने तथा शिक्षकों को मजबूत नेटवर्क के निर्माण के लिए एक मंच प्रदान करना है। मैं शिक्षकों को आह्वान करती हूँ कि वे अपने अध्यापन कौशल और पद्धति को नवीनतम बनाने के लिए इस पोर्टल का इस्तेमाल करें।
और भी
बोफोर्स अल्ट्रा लाइट तोप की दौड़ में नहीं
भारत का परमाणु रिकॉर्ड बेदाग
नेता शिक्षा का महत्व समझें-मनमोहन
कथाओं में है कोसी के विनाश का उल्लेख
कल्पनाशील होते हैं आइसक्रीम खाने वाले
आ अब लौट चलें...