बोफोर्स तोप बनाने वाली ब्रिटिश कंपनी बीएई सिस्टम्स इस बार भारतीय सेना के लिए निकाले गए 140 अल्ट्रा लाइट तोपों के अंतरराष्ट्रीय टेंडर में हिस्सा लेने से कन्नी काट गई।
भारत में बीएई सिस्टम्स के अध्यक्ष नियुक्त किए गए जूलियन स्कोप ने कहा कि इस सौदे की शर्तें भारतीय सेना ने ऐसी रखी थी, जिन्हें पूरा कर पाना हमारे लिए व्यावहारिक नहीं था।
उन्होंने कहा कि कंपनी ने अभी इस बारे में आशा नहीं छोड़ी है और उम्मीद है कि सेना कोई ऐसा रास्ता निकाल सकती है, जिससे टेंडर में शामिल होना व्यावहारिक हो जाए।
सेना ने इस साल 155 एमएम एवं 39 कैलिबर वाली अल्ट्रा लाइट तोपों की खरीदारी के लिए अंतरराष्ट्रीय टेंडर जारी किया था और इसे बीएई सिस्टम्स के अलावा सिंगापुर टेक्नोलाजीज काइनेटिक्स को भेजा गया था। बीएई सिस्टम्स ने इस साल रक्षा प्रदर्शनी में अपनी एम-777 अल्ट्रा लाइट तोपों को बड़ी शान से पेश किया था और सेना को लुभाने के लिए काफी लॉबिंग भी की थी।
स्कोप ने कहा कि वे भारत के रक्षा बाजार में कुछ सौदे से सरोकार रखने के बजाए विभिन्न साझेदारियों के माध्यम से अपने पाँव जमाएँगे। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में भारत के साथ साझेदारी की अपार संभावनाएँ हैं, जिनका पूरा दोहन किया जाएगा।
कंपनी ने महिन्द्रा एंड महिन्द्रा के साथ संयुक्त उपक्रम से बख्तरबंद वाहन बनाने की योजना बनाई है।
स्कोप ने कहा कि इस संयुक्त उपक्रम में कंपनी 49 प्रतिशत शेयर चाहती है और उसे उम्मीद है कि सरकार अपवाद के तौर पर इसकी अनुमति दे देगी।
उल्लेखनीय है कि रक्षा क्षेत्र में 26 प्रतिशत विदेशी निवेश की ही अनुमति है, लेकिन कुछ परियोजनाओं में सरकार पहले भी इस सीमा में ढील दे चुकी हैं।
|