भारत के परमाणु परीक्षण करने की स्थिति में उसे परमाणु ईंधन की आपूर्ति बंद किए जाने की बात को अमेरिका द्वारा सार्वजनिक किए जाने के बीच माकपा महासचिव प्रकाश करात ने गुरुवार को केंद्र में सत्तारूढ़ संप्रग सरकार पर जनता के साथ धोखा करने का आरोप लगाया।
बुश प्रशासन और अमेरिकी कांग्रेस के बीच पत्राचार के खुलासे पर करात ने कहा हम इस बात को तीन महीने पहले से जानते थे। माकपा की वरिष्ठ नेता तथा पार्टी पोलित ब्यूरो सदस्य बृंदा करात ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार विवादास्पद परमाणु करार के बारे में जनता से तथ्य छुपा रही है।
अब इस करार का एक हिस्सा सार्वजनिक हुआ है। जल्द ही करार की अन्य बातें भी लोगों के सामने आ जाएँगी। वृंदा ने माँग की कि सरकार को परमाणु करार को अमली जामा पहनाने के संबंध में 45 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह से छूट प्राप्त करने के अपने प्रयासों से पीछे हट जाना चाहिए।
उन्होंने कहा ऐसा लगता है कि पूरी प्रक्रिया पर सरकार और अमेरिका के बीच साठगाँठ है। हम सरकार से परमाणु करार को अमल में लाने के लिए आगे कोई कदम नहीं बढ़ाने की माँग करते हैं।
उन्होंने कहा भारत को अमेरिका से परमाणु ईंधन की निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन नहीं प्राप्त होने के मद्देनजर माकपा ने कहा मनमोहनसिंह सरकार का देश के सुरक्षा हितों से समझौता करने का पूरी तरह से पर्दाफाश हो गया है।
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