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बीएमडब्ल्यू मामले में अपना फैसला सुरक्षित
राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने नौ साल पुराने बीएमडब्ल्यू हिट एंड रन मामले में आज अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। तीन पुलिसकर्मियों समेत छह लोगों की बीएमडब्ल्यू कार से कुचलकर हुई मौत की घटना के इस मामले में संजीव नंदा मुख्य आरोपी हैं।

सरकारी अभियोजक राजीव मोहन ने जैसे ही अपनी दलील पूरी की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार ने कहा कि मामले में अंतिम दलीलें पूरी हो गई हैं। अब इस पर दो सितंबर को फैसला सुनाया जाएगा।

अदालत ने कहा ‍कि बचाव पक्ष के वकील मामले के पक्ष में 29 अगस्त तक कानून से जुड़ी अपनी अतिरिक्त बातें रख सकते हैं। पूर्व नौसेना प्रमुख एडमिरल एसएम नंदा के पोते और म‍ाणिक कपूर के खिलाफ 304 (गैर इरादतन हत्या) समेत भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज मामले की सुनवाई की गई है।

राष्ट्रीय राजधानी के लोधी कालोनी इलाके में 10 जनवरी, 1999 को तड़के बीएमडब्ल्यू कार से कुचलकर छह लोगों की दुखद मौत के मामले में उक्त धारा के तहत आरोपी को अधिकतम उम्रकैद की सजा हो सकती है।

उनके अलावा कारोबारी राजीव गुप्ता और उनके दो कर्मचारी भोलानाथ और श्यामसिंह भादसं की धारा 201 (साक्ष्य नष्ट करने) के तहत आरोपित हैं। उन पर गोल्फ लिंक इलाके में स्थित निवास पर बीएमडब्ल्यू कार में लगे खून के धब्बे और माँस के टुकड़ों को हटाने का आरोप है।
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