नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम के उल्लंघन के एक और मामले में मंगलवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के चार लोग जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में पाकिस्तान की ओर से हुई कथित गोलीबारी में घायल हो गए। इसी दौरान सशस्त्र उग्रवादियों ने काना चक इलाके के रास्ते घुसपैठ का प्रयास किया।
बीएसएफ के अधिकारियों ने बताया कि पुंछ जिले में समजियाँ पट्टी के केपी नल्लाह इलाके में बीएसएफ चौकियों पर मंगलवार को गोलीबारी की गई और मोर्टार से हमला किया गया। उन्होंने कहा कि किसी तरह की जवाबी गोलीबारी नहीं की गई।
पाकिस्तान की एनसीसीपी चौकी की ओर से की गई गोलीबारी में बीएसएफ के एक उपनिरीक्षक और एक सहायक उपनिरीक्षक सहित चार लोग घायल हो गए।
एक अन्य घटना में जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा के आसपास सशस्त्र उग्रवादियों के एक समूह ने पाकिस्तान की ओर से हो रही गोलीबारी के दौरान मौका पाकर भारतीय क्षेत्र में घुसपैठ का प्रयास किया। इसके बाद बीएसएफ ने सामूहिक अभियान चलाया।
बीएसएफ के डीआईजी एस. सांगवान ने कहा कि तीन से चार उग्रवादियों ने बाड़ काटकर पाकिस्तान की ओर से की गई गोलीबारी के दौरान मौका पाकर रात करीब पौने दो बजे राज्य में घुसपैठ की कोशिश की।
उन्होंने आरोप लगाया कि गोलाबारी की आड़ में पाकिस्तान ने आतंकवादियों को भारत में प्रवेश कराने में मदद दी। इसके साथ ही करीब एक घंटे तक दोनों ओर से गोलाबारी हुई।
घटना का ब्योरा देते हुए अधिकारी ने कहा कि रात में करीब साढ़े 12 बजे जम्मू जिले के कनचक सीमा क्षेत्र में 20 से 30 आतंकवादियों ने सीमा गश्ती दल पर अंधाधुंध गोलीबारी की। सीमा की रक्षा कर रहे बीएसएफ के जवानों ने जवाबी गोलीबारी की। उन्होंने कहा कि गोलीबारी में इस पक्ष से कोई हताहत नहीं हुआ।
पाकिस्तानी जवानों के गोलाबारी में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर बीएसएफ अधिकारी ने कहा कि उनकी संलिप्तता से इनकार नहीं किया जा सकता और वे पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के लिए जिम्मेदार हैं।
|