देश की सामरिक सेनाओं और परमाणु हथियारों की कमान पहली बार थलसेना के किसी जनरल के हाथों में सौंपी जा रही है। एक सरकारी घोषणा के मुताबिक लेफ्टिनेंट जनरल बलराजसिंह नागल को सामरिक सेनाओं और परमाणु हथियारों की कमान सौंपी जा रही है।
लेफ्टिनेंट जनरल नागल फिलहाल सेना मुख्यालय में महानिदेशक (लॉजिस्टिक्स) हैं। वे 30 सितंबर को सामरिक सेना कमान के कमांडर इन चीफ का पदभार ग्रहण करेंगे। वे वाइस एडमिरल विजय शंकर का स्थान लेंगे, जिन्हें अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में तीनों सेनाओं की कमान का कमांडर इन चीफ नियुक्त किया गया है।
लेज नागल थलसेना के ऐसे पहले अधिकारी होंगे जो परमाणु हथियारों को संचालित करने वाली सेना की कमान संभालेंगे। अभी तक वायुसेना और नौसेना के अधिकारी ही इस कमान की अगुवाई करते रहे हैं।
गौरतलब है कि अभी तक थलसेना और वायुसेना ही परमाणु मिसाइलों और बमों का संचालन करते रहे हैं। फिलहाल भारत परमाणु मिसाइल को समुद्र के भीतर से दागने की क्षमता हासिल करने पर काम कर रहा है।
थलसेना की क्षमता : थलसेना ने ऐसे तीन से चार विशेषज्ञ समूह तैयार किए हैं जो कम दूरी से लेकर लंबी दूरी तक जमीन से जमीन पर मार करने वाली पृथ्वी और अग्नि मिसाइलों का संचालन कर सकते हैं। इन दोनों ही मिसाइलों में परंपरागत के साथ-साथ परमाणु मुखास्त्र दागने की क्षमता है।
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