असम और पूर्वात्तर में खुशहाली के एक नए युग की कामना करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने उल्फा को राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल होने की दावत दी और कहा कि विद्रोही संगठनों की गतिविधियों से आर्थिक विकास की रफ्तार धीमी पड़ती है।
मनमोहन ने एक जनसभा में कहा कि विद्रोही संगठनों की जारी गतिविधियों से भय और असुरक्षा का माहौल सृजित होता है जो असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में त्वरित आर्थिक विकास और नए निवेश के लिए अनुकूल नहीं है।
मनमोहन का यह भाषण उनकी गैर-हाजिरी में पढ़ा गया क्योंकि खराब मौसम के चलते उनका विमान वहाँ उतर नहीं पाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि पूर्वोत्तर में विकास की बेइन्तहा क्षमता है और सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए हर प्रयास करेगी कि इस क्षमता का दोहन हो सके।
मनमोहन ने कहा कि असम के अवाम के लिए यह जरूरी है कि वे उल्फा को छापामार संघर्ष और टकराव का रास्ता छोड़ने के लिए तथा राष्ट्रीय मुख्यधारा में शामिल होने एवं असम के त्वरित सामाजिक आर्थिक विकास के लिए काम करने के लिए रजामंद करें।
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