विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने बुधवार को कहा कि भारतीयों में अंग्रेजों द्वारा भरी गई हीन भावना अभी भी कायम है, इसीलिए किसी का फोन आने पर जब वे 'हैलो के बजाय 'हाँ जी' कहते हैं तो लोग उन्हें नौकर समझते हैं।
भाजपा नेता ने यहाँ बिजनेस सुपरब्रांड्स पुरस्कार समारोह में यह बात कही। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति, भारतीय प्राचीन शिक्षा और भारतीयों का आत्मसम्मान समाप्त करने की 1835 में शुरू की गई मैकाले की भयावह रणनीति का असर अभी तक बाकी है।
उन्होंने इसकी बानगी पेश करते हुए कहा कि जब भी फोन आता है तो मैं आदतन 'हाँ जी' कहता हूँ। इस पर आमतौर पर दूसरी ओर से व्यक्ति पूछता है कि क्या साहब घर में हैं। वे मेरा हिन्दी में बोलना सुनकर यही समझते हैं कि घर का कोई नौकर बोल रहा है।
उन्होंने कहा कि लेकिन 1990 के आर्थिक सुधारों के बाद से अब हालात बदल रहे हैं। मुझे तनिक संदेह नहीं कि 21वीं सदी के अंत तक भारत महाशक्ति होगा और हर भारतीय अपने को गौरवान्वित महसूस करेगा।
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा कि स्थिति अभी पूरी तरह संतोषजनक नहीं है। एक ओर देश में लाखों लोग बेरोजगार हैं तो दूसरी ओर नए उद्योग लगाने के लिए कुशल कर्मियों की कमी है। उन्होंने कहा कि इस स्थिति को बदलना होगा।
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