मुख पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > राष्ट्रीय > विधेयकों की अच्छी ड्राफ्टिंग जरूरी-भारद्वाज
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
विधेयकों की अच्छी ड्राफ्टिंग जरूरी-भारद्वाज
न्यायालयों में कई मामले सिर्फ इसलिए वर्षों लटके रहते हैं, क्योंकि उनका प्रारूप तैयार करने वाले अधिकारी ने कायदे कानून और परिभाषाओं में शब्दों का इस्तेमाल सटीक तरीके से नहीं होता है।

कानून की लचर भाषा और परिभाषा से मामले के दोनों पक्षों को उसे अपनी सुविधा के अनुकूल ढालने में मदद मिलती है। देश के कई मंत्रालयों में ऐसे कुशल अधिकारियों की भारी कमी है, जो विधेयकों को तैयार करने में सटीक शब्दों और भाषा का इस्तेमाल कर सकें।

यहाँ तक कि देश के कानून मंत्रालय में भी ज्यादातर वरिष्ठ अधिकारी तदर्थ नियुक्ति के आधार पर ही काम कर रहे हैं। खुद कानून मंत्री हंसराज भारद्वाज ने यहाँ एक कार्यक्रम में ये बातें कहीं।

वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने भी इस कमी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि विधेयक तैयार करने का बौद्धिक कौशल अपने आप विकसित नहीं होता है। यह एक विशेष प्रकार की तैयारी से मिलता है और इसके लिए कठिन प्रशिक्षण और अभ्यास की जरूरत होती है।
उन्होंने कहा कई बार विधेयक इस तरह तैयार कर दिए जाते हैं, जो अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाते हैं।

दोनों केन्द्रीय मंत्री बुधवार को यहाँ इंडियन लॉ इस्टीट्यूट द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे। कानूनी संस्थान में एक नया पाठ्यक्रम विधेयक, संधियों और समझौतों के प्रारूप तैयार करने के बारे में शुरू किया जा रहा है। इसी के उद्घाटन समारोह में दोनों केन्द्रीय मंत्रियों ने अपने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर कानून मंत्रालय में सचिव टीके विश्वनाथन और लोकसभा महासचिव पीडीटी अचारी भी उपस्थित थे।
और भी
भाकपा ने मीडिया ट्रायल पर चिंता जताई
निखरा-निखरा सा नजर आएगा ताज
सरकार जल्द सुलझाए भूमि विवाद-माकपा
आतंक के खिलाफ हो एकल एजेंसी-कलाम
सांसदों को रिश्वत का आरोप सिद्ध करें बर्धन
चंद्रमा अभियान अक्टूबर या दिसंबर में