बेंगलुरु और अहमदाबाद में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के बाद देश में राजनीतिक सरगर्मियाँ तेज हो गई है। देश की दो प्रमुख राजनीतिक पार्टियों कांग्रेस और भाजपा में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है।
भाजपा अध्यक्ष राजनाथसिंह ने संप्रग सरकार पर आरोप लगाया कि उसके नरम रुख के चलते आतंकवादी दुस्साहसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने सरकार से पोटा को फिर से लागू करने तथा गुजरात विधानसभा द्वारा स्वीकार किए गए गुजकोका जैसे कानून की वकालत की।
दूसरी तरफ कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता वीरप्पा मोइली ने कहा कि राजनाथ का बयान गैर जिम्मेदाराना है, जिसमें मौके का भी ध्यान नहीं रखा गया। एक राष्ट्रीय नेता को इस तरह की बयानबाजी शोभा नहीं देती।
इस सिद्धांत पर कि आतंकवादी राजस्थान कर्नाटक और गुजरात जैसे भाजपा शासित राज्यों को निशाना बना रहे हैं, मोइली ने कहा इसमें किसी क्षेत्र या किसी देश की बात नहीं है। यह पूरे देश पर हमला है।
इस बीच अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के गुजरात समन्वयक राजीव शुक्ला ने भाजपा और उसके नेतृत्व वाली सरकारों पर आतंकवाद से निपटने में अक्षम होने का आरोप लगाया।
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