भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कठोर आतंकवादी कानूनों के अभाव और कमजोर खुफिया मशीनरी को सिलसिलेवार विस्फोटों की बाढ़ के लिए जिम्मेदार ठहराया है, लेकिन वह यह निष्कर्ष नहीं निकालते कि भाजपा शासित राज्यों को निशाना बनाया जा रहा है।
बेंगलुरु में कल के धमाकों के बाद अहमदाबाद में शनिवार को हुए सिलसिलेवार विस्फोटों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि हमारा आतंकवाद विरोधी कानूनी ढाँचा पूरी तरह दुरुस्त नहीं है, जो सामने आ जाता है।
यह पूछे जाने पर कि क्या हाल के विस्फोटों में भाजपा शासित राज्यों को निशाना बनाया गया है तो आडवाणी ने कहा कि मैं इस पर कोई निष्कर्ष नहीं निकाल सकता। यह खुफिया एजेंसियों की जाँच का विषय है।
उन्होंने कहा कि विस्फोट आतंकवादी संगठनों की दहशत फैलाने और समाज को बाँटने की मंशा का हिस्सा हैं। आडवाणी ने दो बड़े शहरों में लगातार हुई आतंकवादी घटनाओं से उपजी स्थिति से निपटने के लिए केंद्र से तुरंत कदम उठाने को कहा।
आडवाणी ने कहा कि पोटा को निरस्त किए जाने के बाद गुजरात ने महाराष्ट्र की तरह आतंक निरोधी कानून अपनाया है। यह कानून राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने का चार साल से इंतजार कर रहा है। आडवाणी ने मांग की कि गुजरात और राजस्थान दोनों को ऐसे कानून को लागू करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
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