कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने बेंगलुरु में शुक्रवार को हुए बम विस्फोटों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें समाज विरोधी तत्वों की कायरतापूर्ण करतूत करार दिया है। सोनिया ने कहा ये समाज विरोधी तत्व ऐसे कृत्यों से देश के विभिन्न भागों में शांति भंग करना चाहते हैं, लेकिन जनता उनके प्रयास सफल नहीं होने देगी।
कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने भाजपा द्वारा विस्फोटों के हालात के लिए केन्द्र को जिम्मेदार ठहराए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि दुःख की घड़ी में भी भाजपा राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा वैसे कानून व्यवस्था राज्य का मामला है और वहाँ भाजपा की ही सरकार है।
उन्होंने भाजपा के इस आरोप को भी गलत बताया कि केन्द्र सरकार आतंकवाद के प्रति नरम रुख अपना रही है। उनका कहना था कि उस पार्टी के नेता बार-बार संसद पर हमले के अपराधी अफजल गुरु को फाँसी नहीं दिए जाने का मामला उठाते हैं, लेकिन उन्हें पहले यह बताना चाहिए कि अपनी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में इस बारे में क्यों कोई कार्रवाई नहीं की।
आईटी उद्योग को नुकसान पहुँचाने की कोशिश : विश्व हिन्दू परिषद ने बेंगलुरु में हुए विस्फोटों को जेहादी आतंकवाद करार देते हुए कहा कि यह सूचना प्रौद्योगिकी कारोबार को नुकसान पहुचाने की कोशिश है।
विहिप महामंत्री डॉ. प्रवीण तोगड़ाया ने यहाँ कहा कि मनमोहन सरकार की नरम नीतियों के कारण आतंकवादियों के हौसले बुलंद हैं। जेहाद की तालीम दे रहे मदरसों को बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को फाँसी देने की माँग भी की।
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