भारत ने बुधवार को उम्मीद जताई कि आईएईए के संचालन मंडल की एक अगस्त को वियना में होने वाली बैठक में भारत आधारित सुरक्षा मानक समझौते को मंजूरी मिल जाएगी।
परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष अनिल काकोडकर ने बताया हम आश्वस्त हैं कि मसौदा समझौता एक अगस्त को सहमति के आधार पर आईएईए बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद एक दस्तावेज बन जाएगा।
भारत-अमेरिकी परमाणु करार के वास्तविक रूप से लागू होने के पहले भारत को आईएईए के संचालन मंडल से मंजूरी हासिल करना होगी और 45 सदस्यीय परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह से स्पष्ट छूट लेनी होगी। इसके बाद इसे अमेरिकी कांग्रेस अपनी अंतिम मंजूरी देगी।
भारत फिलहाल परमाणु कारोबार नहीं कर सकता है क्योंकि 1974 में इसके पहले परमाणु परीक्षण के बाद अमेरिका ने इस पर प्रतिबंध लगा दिए थे। काकोडकर ने कहा कि आईएईए की मंजूरी मिलने के बाद भारतीय अधिकारी विवरण तैयार करेंगे और उसके बाद सुरक्षा मानक समझौते पर हस्ताक्षर होगा और इसे अंगीकार किया जाएगा।
भारत ने शांतिपूर्ण उद्देश्य से परमाणु कारोबार के लिए अपने 14 रिएक्टरों को आईएईए की निगरानी में रखने की पेशकश की है। इसे बोर्ड की मंजूरी मिलने में कोई दिक्कत नजर नहीं आ रही हालाँकि पाकिस्तान मतदान के लिए दबाव डाल सकता है, लेकिन संचालन मंडल अमूमन मतदान से बचता है।
यह पूछे जाने पर क्या भारत संचालन मंडल की इस हफ्ते होने वाली बैठक से पहले व्यापक परमाणु निगरानी व्यवस्था के बारे में आईएईए से बातचीत करेगा? काकोडकर ने कहा कि जिस तरह भारत ने संचालन मंडल और एनएसजी के सदस्यों को जानकारी दी है, आईएईए संचालन मंडल ने भी इस हफ्ते एक बैठक आयोजित की है तथा इस बैठक में वे भारतीय वार्ताकार भी मौजूद रह सकते हैं, जो सहमति वाले मसौदे को तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल थे।
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