पार्टी की अवहेलना कर लोकसभा में मतदान से अनुपस्थित रहने वाले महाराष्ट्र के भाजपा सांसद हरिभाऊ राठौड़ को खुद के खिलाफ होने वाली किसी कार्रवाई का डर नहीं है। उन्होने दो-टूक लहजे में कहा कि सदन में होते तो उनका वोट यूपीए को ही मिलता।
उन्होंने कहा बहुत अच्छा हुआ कि सरकार जीती। ह्विप का उल्लंघन करने वाले कुछ भाजपा सांसदों में शामिल राठौड़ ने कहा भाजपा यदि उनके खिलाफ कार्रवाई करती है तो कांग्रेस और राकांपा के दरवाजे उनके लिए खुले हैं।
अनुपस्थिति के बारे में अपना पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा मंगलवार दोपहर बाद करीब 1 बजे मैं संसद से अपना मधुमेह का इंजेक्शन लेने के लिए लौटा। दुर्भाग्य से घर पर रसोईए ने दोपहर का कोई भोजन तैयार नहीं किया था। अतः मेरे एक दोस्त ने निकट के एक भोजनालय जाने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा रास्ते में अचानक मेरा शर्करा स्तर नीचे चला गया, जिसकी वजह से उनींदा महसूस करने लगा और मुझे राजौरी गार्डन के कुकरेजा अस्पताल (संसद से करीब 15 किलोमीटर दूर) ले जाया गया। मैं आईसीयू में था और रात को करीब नौ बजे छुट्टी दी गई। मेरे फोन बंद कर दिए गए थे और किसी को आईसीयू में जाने की अनुमति नहीं थी।
राठौड़ ने कहा मैं तनाव में था, क्योंकि मैंने वोट के बारे में अपना मन नहीं बनाया था। यह अच्छा है कि सरकार जीत गई और मैं भी सरकार को ही वोट देता। अनुपस्थित रहने के लिए यूपीए से पैसा लेने के आरोप पर उन्होंने कहा कोई भी कुछ कह सकता है। यदि आपके पास सबूत है तो सामने लाइए। मेरे लिए पैसा महत्वपूर्ण नहीं है। मैं जिस स्थिति में हूँ, उससे खुश हूँ।
पार्टी में घट रही है मुंडे की पूछ : राठौड़ ने कहा पार्टी में गोपीनाथ मुंडे को दरकिनार किया जा रहा है। उनका मैं बहुत सम्मान करता हूँ। यदि उनके साथ ऐसा हो सकता है तो हमारे जैसे लोगों का क्या। कांग्रेस और राकांपा का रास्ता खुला होने का दावा करते हुए उन्होंने कहा मेरे लिए पार्टी महत्वपूर्ण नहीं है। कोई भी जो गैर अधिसूचित और धुमंतू आदिवासियों को आरक्षण दिलाने के मेरे लक्ष्य का समर्थन करता है वह महत्वपूर्ण है।
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