देश की दस राजनीतिक पार्टियों ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन का विकल्प बनने का दावा करते हुए घोषणा की कि वे जल्द ही पाँच प्रमुख मुद्दों को लेकर सरकार के विरुद्ध राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेंगी।
बसपा प्रमुख मायावती के घर पर हुई यूएनपीए की पहली बैठक में लोकसभा में कल विश्वासमत प्रस्ताव पर संप्रग सरकार की जीत के लिए अपनाए गए हथकंडे की निंदा की गई।
बैठक में सभी दलों ने राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने के लिए एक प्रचार समिति भी गठित की। अभियान के तहत देशभर में जनसभाएँ कर आम जनता को पाँच राष्ट्रीय मुद्दों से अवगत कराया जाएगा। बैठक के बाद मायावती ने कहा कि लोकसभा में कांग्रेसनीत संप्रग सरकार ने विश्वासमत तो हासिल कर लिया और वह अपनी पीठ भी थपथपा रही है, पर जो कुछ हुआ उससे लोकतंत्र की हत्या हुई है।
उन्होंने बताया कि बैठक में सभी नेताओं ने सरकार बचाने के लिए अपनाए गए हथकंडों की निंदा की।
माकपा महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि मनमोहन सरकार ने विश्वास मत तो प्राप्त किया है, पर अपना नैतिक अधिकार खो दिया है। उन्होंने कहा कि बैठक में उपस्थित सभी दलों ने महँगाई, किसानों की आत्महत्या, परमाणु करार, साम्प्रदायिक शक्तियों और सीबीआई जैसी सरकारी जाँच एजेंसियों के दुरुपयोग के पाँच प्रमुख मुद्दों को लेकर संयुक्त राष्ट्रव्यापी अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत देशभर में जनसभाएँ कर आम जनता को इन पाँचों मुद्दों के बारे में बताया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही अगली बैठक कर भावी रणनीति भी तय की जाएगी।
तेलुगुदेशम पार्टी के अध्यक्ष चंद्रबाबू नायडू ने बताया कि बैठक में संप्रग द्वारा सरकार को विश्वासमत दिलाने के लिए जिस प्रकार सांसदों की खरीद-फरोख्त, ब्लैकमेलिंग, प्रलोभन, सत्ता का दुरुपयोग किया गया, उससे सरकार आम जनता की नजरों में दोषी साबित हुई है। उसने लोकतंत्र की हत्या की है जिसका उसे परिणाम भुगतना पड़ेगा।
राष्ट्रीय लोकदल के अजितसिंह ने कल लोकसभा में हुए घटनाक्रमों को शर्मनाक बताते हुए दावा किया कि नवगठित मोर्चा देश में असली शक्ति बनकर दिखाएगा।
जद (एस) के अध्यक्ष एंव पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा ने कहा कि उनकी पार्टी मोर्चे के साथ है और उसके कार्यक्रम के प्रति उसकी पूर्ण सहमति है।
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