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परमाणु ऊर्जा कानून बदलेगा  Search similar articles
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहनसिंह ने लोकसभा में घोषणा की कि सरकार परमाणु ऊर्जा कानून में संशोधन पर गौर कर रही है ताकि देश की सामरिक स्वायत्तता के साथ कोई समझौता नहीं किया जा सके।

मंगलवार को लोकसभा में दो दिवसीय विशेष सत्र के दौरान विश्वास मत प्रस्ताव पर बहस का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, हमारे सामरिक कार्यक्रम स्वायत्त तरीके से जारी रखेंगे।

विपक्ष के हंगामे के कारण सदन के पटल पर रखे गए अपने लिखित जवाब में डॉ. सिंह ने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते की पुनः पुरजोर वकालत की और कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर देश का परमाणु परीक्षण करने का अधिकार सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि परमाणु समझौते से भारत के परमाणु कार्यक्रम की स्वतंत्रता प्रभावित नहीं होगी, न ही हम अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम में बाहरी दखल की इजाजत देंगे।

उल्लेखनीय है कि अमेरिकी संसद में पारित हाइड कानून को लेकर भारतीय जनता पार्टी और वाम दलों ने कहा था कि यह कानून भारत के परमाणु हथियार कार्यक्रम और परमाणु परीक्षण के अधिकार पर रोक लगता है तथा विदेश नीति के क्षेत्र में अमेरिका का पिछलग्गू बनने पर बाध्य करता है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने सुझाव दिया था कि हाइड कानून से बचाव के लिए भारत को अपने परमाणु ऊर्जा कानून में आवश्यक संशोधन करना चाहिए। डॉ. सिंह ने इस धारणा को गलत बताया कि परमाणु समझौता अमेरिका केंद्रित है।

उन्होंने कहा कि वास्तव में यह समझौता अंतरराष्ट्रीय परमाणु तकनीकी और उसके कारोबार में भारत पर लगे प्रतिबंधों को खत्म करता है तथा इससे देश के साथ तीन दशक से भी अधिक समय से चल रहा अंतरराष्ट्रीय भेदभाव समाप्त होता है।
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