सरकार के विश्वास मत जीतने के बाद जहाँ प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह और संप्रग अध्यक्ष सोनिया गाँधी को बधाई देने वालों का तांता लग गया वहीं विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी उदास नजर आए और उन्हें घेरे उनके साथी यह हिसाब किताब लगाते रहे कि गड़बड़ कहाँ हुई।
सरकार की जीत के तुरंत बाद संसद भवन परिसर के बाहर पटाखों की आवाज सुनाई देने लगी। जीत का जश्न दस जनपथ स्थित सोनिया के आवास और 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर शुरू हो गया। दोनों ही स्थान पटाखों की गूंज और आतिशबाजियों की रोशनी से नहा उठा वहीं भाजपा के मुख्यालय 11 अशोक रोड पर सन्नाटा पसरा रहा।
नतीजे घोषित होने के बाद से ही सोनिया के आवास के बाहर और पार्टी मुख्यालय पर कार्यकर्ताओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया। मिठाइयाँ बंटीं और 'सोनिया गाँधी जिन्दाबाद' और 'राहुल गाँधी जिन्दाबाद' के नारे लगे।
सदन के भीतर भी विश्वास मत जीतने का ऐलान होने के बाद सोनिया और विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी ने प्रधानमंत्री को बधाई दी। जब राहुल बधाई देने आए तो प्रधानमंत्री ने उन्हें गले लगा लिया।
पार्टी मुख्यालय पर एक उत्साही कार्यकर्ता ने कहा विपक्षी दलों को अब राहुल गाँधी का रास्ता साफ कर देना चाहिए। कई लोग सिखों की परंपरागत वेशभूषा में आए। पूरा माहौल त्यौहार जैसा था। सपा महासचिव अमरसिंह के आवास पर भी जश्न का माहौल था। जश्न में सपा प्रमुख मुलायमसिंह भी शामिल थे।
भाजपा मुख्यालय पर न तो कोई पदाधिकारी और न ही कार्यालय का कोई स्टाफ मौजूद था। अशोक रोड़ स्थित भाजपा मुख्यालय पर दिन भर टीवी चैनलों की ओबी वैन खड़ी रहीं, लेकिन नतीजे घोषित होने के बाद ये सभी वहाँ से चली गईं। बसपा प्रमुख मायावती के आवास पर कुछ भीड़ थी। उन्होंने एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया।
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