भाजपा के अध्यक्ष ने राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी को देश के महानतम रामभक्तों में से एक बताते हुए कांग्रेस पर गाँधीवाद का गला घोंटने का आरोप लगाया।
सिंह ने गोली लगने के बाद महात्मा गाँधी के मुँह से निकले उनके अंतिम शब्दों 'हे राम' का जिक्र करते हुए कहा कि अगर राम का अस्तित्व नहीं था तो क्यों राष्ट्रपिता हमेशा भगवान राम का नाम लिया करते थे।
श्यामाप्रसाद मुखर्जी की 107वीं जन्मतिथि के अवसर पर एक सभा में सेतुसमुद्रम मुद्दे का जिक्र करते हुए राजनाथ ने कहा कि कांग्रेसनीत संप्रग सरकार ने राम तथा भारत और श्रीलंका के बीच प्राकृतिक पुल में उनकी भूमिका को लेकर सवाल उठाए।
अगर भगवान राम नहीं थे, तो महात्मा गाँधी ने ब्रिटिश शासन के अंत के बाद आजाद भारत में रामराज्य का वायदा क्यों किया था। राजनाथ ने कहा प्रत्येक सुबह राष्ट्र पिता 'रघुपति राघव राजा राम...' भजन गाते थे। अगर वे राम में विश्वास नहीं करते थे तो क्यों इसे गाते थे।
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