विकसित देशों के समूह जी-आठ की बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह की अमेरिकी राष्ट्रपति जार्ज बुश से मुलाकात में भारत-अमेरिका परमाणु करार की प्रगति का मुद्दा शीर्ष पर होगा।
करार तथा संसद में सरकार का समर्थन करने की समाजवादी पार्टी की घोषणा के बाद डॉ. सिंह अब पूरे विश्वास के साथ अगला कदम उठाने को उत्सुक होंगे।
केन्द्र सरकार के प्रमुख मंत्रियों से लेकर प्रधानमंत्री के विशेष दूत तथा विदेश सचिव तक की घोषणाओं एवं बयानों से साफ है कि सपा के समर्थन ने करार पर आगे कदम बढ़ाने की स्थिति में समर्थन वापसी की चारों वाम दलों की धमकी से करार एवं सरकार दोनों के भविष्य पर पिछले करीब एक पखवारे से छाया घना कोहरा साफ कर दिया है।
नौ जुलाई को जब प्रधानमंत्री शिखर बैठक के बाहर परमाणु करार को लागू करने के लिए अगले कदमों पर द्विपक्षीय वार्ता के वास्ते बुश के सामने बैठेंगे तो वह आत्म विश्वास से कबरेज होंगे।
करार पर अमल को लेकर सरकार की स्पष्ट प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी पश्चिम बंगाल में रायगंज में कह चुके हैं कि चाहे जो हो संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार अमेरिका के साथ इस असैनिक परमाणु करार पर दस्तखत करेगी। इसमें हिचकिचाने का कोई प्रश्न ही नहीं पैदा होता।
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