समाजवादी पार्टी ने परमाणु मुद्दे पर अपना रूख स्पष्ट करने से पहले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार से और स्पष्टीकरण की माँग करने के चंद घंटे बाद ही इस करार पर यह कहकर अपनी मुहर लगा दी कि पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम इसके पक्ष में हैं।
सपा प्रमुख मुलायमसिंह यादव ने डॉ. कलाम से उनके आवास पर मुलाकात करने के बाद कहा कि डॉ. कलाम का मानना है कि परमाणु करार देश के लिए फायदेमंद है।
संयुक्त राष्ट्रीय प्रगतिशील गठबंधन की बैठक के बाद कि यूएनपीए के सभी घटक इस बात पर एक मत है कि करार पर सरकार से स्पष्टीकरण माँगने के लिए इस बारे में किसी जाने-माने वैज्ञानिक की मदद ली जाए, जिसके तहत मुलायमसिंह पार्टी महासचिव अमरसिंह के साथ डॉ. कलाम से मुलाकात करने गए।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह करार पर सरकार को समर्थन देने की घोषणा करेंगे? यादव ने कहा कि अब उनकी पार्टी यूएनपीए के घटक दलों को डॉ. कलाम से हुई बातचीत की जानकारी देने के साथ ही उनके साथ विचार-विमर्श करेगी।
उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का कहना है कि करार देश की भलाई के लिए है। यादव ने कहा कि देशहित के बिना राजनीति का कोई मतलब नहीं है।
यादव ने परमाणु समझौते को देशहित में बताने के लिए बार-बार पूर्व राष्ट्रपति की राय का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि कलाम साहब देश के बडे़ परमाणु वैज्ञानिक हैं और उन्होंने इस समझौते को राष्ट्रहित में, कृषि के हित में और देश की ऊर्जा जरूरतों के हित में बताया है।
अमरसिंह ने भाजपा नेता जसवंतसिंह और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता प्रकाश करात का नाम एक हीं साँस में लिया और कहा कि जसवंतसिंह ने हमसे कहा कि हमें वाम दल और बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर सरकार गिराने के इस मौके का फायदा उठाना चाहिए, लेकिन उन्होंने कहा कि हमारी प्राथमिकता साम्प्रदायिक ताकतों को सत्ता से दूर रखना है।
अमरसिंह ने कहा कि परमाणु समझौते के बारे में उनकी पार्टी की राय दो दिन पहले तक वाम दलों द्वारा बताई गई बातों पर आधारित थी क्योंकि सरकार की ओर से उनके साथ कोई सीधी बात नहीं हुई थी, लेकिन दो दिन पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम के नारायणन ने उनसे मुलाकात की।
उन्होंने कहा कि हमने पूर्व विदेश मंत्री जसवंतसिंह और वाम दलों की आपत्तियों को उनके सामने रखा। नारायणन ने हमें उन मुद्दों के बारे में जानकारी दी। फिर भी हमने कहा कि मामला बहुत टेढ़ा हो गया है लिहाजा प्रधानमंत्री को खुद इन शंकाओं का समाधान करना चाहिए।
सपा नेताओं ने कहा कि उनके गठबंधन में भी यही राय बनी थी कि किसी तटस्थ विशेषज्ञ की राय इस समझौते के बारे में ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि इंडियन नेशनल लोकदल के नेता ओम प्रकाश चौटाला ने डॉ. कलाम का नाम सुझाया था। इसके बाद पूर्व राष्ट्रपति की राय ली गई।
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