पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा ने गुरुवार को कहा कि जुलाई में तेहरान मे प्रस्तावित त्रिपक्षीय बैठक में 300 अरब रुपए की अनुमानित लागत से बनने वाली ईरान-पाकिस्तान-भारत गैस पाइपलाइन परियोजना पर समझौता हो सकता है।
देवड़ा ने यहाँ विश्व पेट्रोलियम कांग्रेस के मौके पर बातचीत में यह उम्मीद व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह से बातचीत आगे बढ़ रही है उसे देखते हुए समझौता जल्द होने की उम्मीद है।
देवड़ा पिछले महीने ही पाकिस्तान की यात्रा पर गए थे। वहाँ पाकिस्तान के साथ गैस पाइपलाइन के द्विपक्षीय मुद्दों पर काफी कुछ सहमति हो गई। भारत और पाकिस्तान के बीच गैस परिवहन शुल्क पर तो पिछले साल ही सहमति हो गई थी लेकिन गैस पारगमन शुल्क के मुद्दे पर बातचीत अटकी हुई थी। इस पर सहमति नहीं होने के कारण ही पिछली त्रिपक्षीय बैठक में भारत शामिल नहीं हुआ।
उधर, ईरान ने भारत की परेशानी को देखते हुए गैस आपूर्ति स्थान के बारे में भी अपने रुख में लचीलापन दिखाया है। भारत चाहता है कि ईरान गैस की आपूर्ति भारत-पाक सीमा पर सुनिश्चित करें जबकि इससे पहले ईरान इसके लिए उसकी पाकिस्तान से लगती सीमा पर ही आपूर्ति के लिए दबाव डाल रहा था।
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