नई दिल्ली। बसपा से चुनाव पूर्व तालमेल की अटकलों पर विराम लगाते हुए भाजपा ने बुधवार को घोषणा की कि वह उत्तरप्रदेश की सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।
पार्टी के महासचिव अरुण जेटली ने कहा कि हम उत्तरप्रदेश की सभी 80 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं। हम जदयू के लिए कुछ सीटें छोड़ सकते हैं, लेकिन कांग्रेस, सपा और यहाँ तक कि बसपा से गठबंधन का कोई सवाल ही नहीं उठता।
भाजपा का यह भी मानना है कि सपा और कांग्रेस के बीच किसी तरह का तालमेल होने का सीधा लाभ उत्तरप्रदेश में उसे ही मिलेगा। पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी की पिछले शुक्रवार को हुई कानपुर रैली के बाद बसपा प्रमुख मायावती ने आरोप लगाया है कि भाजपा उसके मुस्लिम वोट बैंक को नुकसान पहुँचाना चाहती है।
उल्लेखनीय है कि आडवाणी इस रैली में सपा और कांगेस पर जमकर बरसे, लेकिन बसपा के बारे में चुप्पी साधे रखी। आडवाणी ने अपने भाषण के जरिए मायावती को यह संदेश भी दिया कि सत्ता में आने पर वह उत्तरप्रदेश के साथ किसी तरह का भेदभाव नहीं बरतेंगे।
सूत्रों के अनुसार आडवाणी ने अपनी पार्टी के नेताओं को यह हिदायत भी दी है कि वे छोटे दलों की आलोचना करने से परहेज करें क्योंकि चुनाव बाद राजग को इन दलों की जरूरत पड़ सकती है।
इन सूत्रों के अनुसार आडवाणी ने कहा है चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस, वाम और मुस्लिम लीग के अलावा बसपा सहित किसी भी दल की आलोचना हरगिज नहीं की जाए।
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