सुप्रीम कोर्ट ने संसद हमले में दोषी ठहराए गये शौकत हुसैन गुरू की याचिका खारिज कर दी है। शौकत ने अपनी याचिका में अदालत के उस फैसले को चुनौती दी थी जिसमें उसे इस केस में 10 साल की सजा सुनाई गई थी।
जस्टिस पी. पी. नाओलेकर की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इस मामले में दिए गए अपने फैसले में दखल देने का हमें ऐसा कोई कारण नहीं दिखता।' शौकत ने दलील दी थी कि उसे चार अगस्त 2005 को सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 123 (साजिश छिपाने) के तहत दोषी ठहराया जबकि इस अपराध को लेकर कभी उस पर आरोप नहीं लगाए गए।
इससे पहले शौकत ने दस साल की जेल की सजा सुनाए जाने के फैसले के खिलाफ रिव्यू पेटिशन दायर की थी जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था इसके बाद शौकत ने फैसले को चुनौती देते हुए फिर से याचिका दायर की थी। निचली अदालत ने 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हमले के मामले में शौकत को मौत की सजा सुनाई थी।
इस फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट ने भी बरकरार रखा था, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने मौत की सजा को खारिज करते हुए शौकत को आईपीसी की धारा 123 के तहत 10 साल की सजा सुनाई थी।
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