अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मरीजों के भोजन के साथ हुई गड़बड़ के मामले की जाँच के आदेश दे दिए गए हैं।
अस्पताल प्रशासन ने इसकी जाँच के लिए एक समिति का गठन किया है। निजी समाचार चैनल द्वारा किए गए एक स्टिंग ऑपरेशन में वहाँ के कर्मचारियों द्वारा मरीजों के भोजन की चोरी और अनियमिता उजागर की थी। उसमें दिखाया गया था कि मरीजों को परोसा जाने वाला भोजन कितना घटिया स्तर का है।
मरीजों के लिए तैयार खाना ट्रकों के जरिए अस्पताल तो पहुँचता है, लेकिन उसका बहुत बड़ा हिस्सा चुराकर बेच दिया जाता है। इसके उजागर होने के बाद आस्पताल प्रशासन हरकत में आया है।
स्टिंग के जरिये इस बात का खुलासा किया गया था कि अस्पताल के मरीजों के लिए आने वाले दूध और दाल की चोरी के बाद उसकी भरपाई के लिए उसमें पानी मिला दिया जाता है। इसके साथ ही कैंटीन में इस्तेमाल होने वाले रसोई गैस सिलेंडर की चोरी को भी उजागर किया था।
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